फेफना। एक तरफ लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, वहीं, रेलवे अंडरपास की मांग पूरी नहीं होने के कारण फेफना विधानसभा के चार गांवों के तीन हजार से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। बहिष्कार की सूचना पर सीडीओ के साथ ही सीओ भी मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
क्षेत्र के कर्ची, परुआ, नरायनपुर तथा मिलकनवा राजस्व ग्राम के मतदाताओं ने अंडरपास की मांग को लेकर पहले ही विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की थी। क्रासिंग बंद होने से इन गांवों का सिंहपुर मेनरोड का जाने वाले मार्ग बंद हो गया है। परुआ स्थित मतदान केंद्र संख्या 151 और कर्ची स्थित मतदान केंद्र संख्या 150 व 151 पर मतदान के लिए कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे, लेकिन कोई भी मतदाता घर से बाहर नहीं निकला। चार पुरवे के दो मतदान केंद्र के तीन मतदेय स्थल पर तीन हजार मतदाताओं ने अपनी मांग पूरी न होने के कारण मतदान में हिस्सा नहीं लिया। मामले की जानकारी होने पर सीडीओ प्रवीण वर्मा और सीओ तथा अन्य उच्चाधिकारी पहुंचे। ग्रामीणों लोगों को काफी देर तक समझाया, लेकिन लोग नहीं माने। ग्रामीण डीएम को मौके पर बुलाने और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने के कारण मतदान नहीं किया। सीडीओ ने उस स्थल को भी देखा जहां रेलवे लाइन पर अंडरपास बनाने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने सीडीओ को देख नारेबाजी करनी शुरू कर दी। सीडीओ ने चेतावनी दी, तो ग्रामीण और उग्र हो गए। उग्र ग्रामीणों को देख सीडीओ लौट गए।