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कोटेदार के परिवार में ही तीन अंत्योदय कार्ड, एसडीएम ने की केस दर्ज कराने की संस्तुति
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बलिया। लॉकडाउन में जहां सरकार गरीबों को राशन मुहैया कराने की जुगत में है वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं अंत्योदय कार्ड बनवाकर राशन ले रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बैरिया थाना क्षेत्र के गंगापुर गांव में सामने आया है। यहां एक कोटेदार के तीन परिजनों के नाम अलग-अलग अंत्योदय कार्ड जारी हुआ है। शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम अशोक चौधरी ने जांच कराई तो मामला सही मिलने पर कोटेदार की दुकान निलंबित करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति जिलाधिकारी से की।
निवर्तमान उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी ने बीते 11 मई को जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही को संस्तुति पत्र लिखा। इसमें उन्होंने जिक्र किया कि सात और 11 मई को गंगापुर के कोटेदार रामजी तिवारी के पुत्र उज्जवल कुमार तिवारी, सुनैना देवी और सुनीता देवी ने पत्र देकर कहा कि अंत्योदय कार्ड संख्या क्रमश: 219320356728, 219320356730 और 219320284118 को निरस्त कर दिया जाए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। जांच में तीनों कोटेदार रामजी तिवारी के पारिवारिक सदस्य पाए गए। पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि लाभार्थियों द्वारा तथ्यों को छिपा कर और सरकारी मशीनरी को धोखा देकर अंत्योदय का राशन कार्ड बनवाया गया। उनके इस कृत्य में कोटेदार की संलिप्तता भी उजागर हुई। पत्र में उपजिलाधिकारी ने कोटेदार की दुकान निलंबित करते हुए संबंधितों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति भी की है। हालांकि उनकी संस्तुति के एक सप्ताह बाद भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अपात्र कार्डधारकों का राशन कार्ड भी रद्द नहीं हुआ है।
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निवर्तमान उपजिलाधिकारी बैरिया अशोक चौधरी ने बीते 11 मई को जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही को संस्तुति पत्र लिखा। इसमें उन्होंने जिक्र किया कि सात और 11 मई को गंगापुर के कोटेदार रामजी तिवारी के पुत्र उज्जवल कुमार तिवारी, सुनैना देवी और सुनीता देवी ने पत्र देकर कहा कि अंत्योदय कार्ड संख्या क्रमश: 219320356728, 219320356730 और 219320284118 को निरस्त कर दिया जाए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। जांच में तीनों कोटेदार रामजी तिवारी के पारिवारिक सदस्य पाए गए। पत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि लाभार्थियों द्वारा तथ्यों को छिपा कर और सरकारी मशीनरी को धोखा देकर अंत्योदय का राशन कार्ड बनवाया गया। उनके इस कृत्य में कोटेदार की संलिप्तता भी उजागर हुई। पत्र में उपजिलाधिकारी ने कोटेदार की दुकान निलंबित करते हुए संबंधितों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति भी की है। हालांकि उनकी संस्तुति के एक सप्ताह बाद भी मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अपात्र कार्डधारकों का राशन कार्ड भी रद्द नहीं हुआ है।
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