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सोलह शृंगार कर की शिव-पार्वती की पूजा
ballia
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:46 PM IST
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हरितालिका व्रत कथा सुनती महिलाएं
- फोटो : ballia
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हरतालिका तीज पर्व पर रविवार को महिलाओं ने उत्तम पति प्राप्त करने और दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखा। इस दौरान महिलाओं ने स्नान तथा नए कपड़े धारण कर सोलहों श्रृंगार के साथ भगवान शिव और पार्वती की फोटो के समक्ष फल-फूल, मिष्ठान आदि चढ़ाकर पति के दीर्घायु की मन्नते मांगी। इस अवसर महिलाओं ने मेहंदी भी रचाया।
आज के ही दिन मां पार्वती ने भोले नाथ को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए निर्जला व्रत रखा था। मां पार्वती के व्रत से खुश होकर भोले नाथ ने पत्नी के रूप में होने का वरदान दिया। इसी दिन से महिलाएं उत्तम पति तथा दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखना शुरू किया। तीज के अवसर पर व्रती महिलाओं ने रात में ही अपने हाथों पर मेंहदी रचा रखा था। वहीं कुछ महिलाएं सुबह में मेंहदी रचाया।
शाम को व्रती महिलाओं ने स्नान, नए वस्त्र तथा सोलह श्रृंगार कर भगवान भोले नाथ और मां पार्वती के चित्र के समक्ष कपड़ा, फल-फूल, मिष्ठान एवं धूप-अगरबत्ती आदि चढ़ाकर उत्तम पति प्राप्त करने तथा दीर्घायु होने की मन्नतें मांगी। साथ ही मंदिर एवं घर पर ब्राह्मण के मुख से हरतालिका तीज की कथा श्रवण किया। इसके बाद पति समेत अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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आज के ही दिन मां पार्वती ने भोले नाथ को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए निर्जला व्रत रखा था। मां पार्वती के व्रत से खुश होकर भोले नाथ ने पत्नी के रूप में होने का वरदान दिया। इसी दिन से महिलाएं उत्तम पति तथा दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखना शुरू किया। तीज के अवसर पर व्रती महिलाओं ने रात में ही अपने हाथों पर मेंहदी रचा रखा था। वहीं कुछ महिलाएं सुबह में मेंहदी रचाया।
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शाम को व्रती महिलाओं ने स्नान, नए वस्त्र तथा सोलह श्रृंगार कर भगवान भोले नाथ और मां पार्वती के चित्र के समक्ष कपड़ा, फल-फूल, मिष्ठान एवं धूप-अगरबत्ती आदि चढ़ाकर उत्तम पति प्राप्त करने तथा दीर्घायु होने की मन्नतें मांगी। साथ ही मंदिर एवं घर पर ब्राह्मण के मुख से हरतालिका तीज की कथा श्रवण किया। इसके बाद पति समेत अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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