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कड़ाके की ठंड कटानपीड़ितों पर ढा रही सितम
संवाददाता, अमर उजाला, नगरा
Updated Sun, 28 Dec 2014 11:03 PM IST
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बलिया/जयप्रकाशनगर। बाढ़ और कटान की विभीषिका झेल चुके बेघर हुए लोग अब कड़ाके की ठंड में प्रकृति की दोहरी मार झेलने को विवश हैं। प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक इन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया है। इब्राहिबादनौबरार (आठगांवा) के करीब 400 बाशिंदों के रिहायशी आवास घाघरा में विलीन हो गए थे।
वे तब से बीएसटी बंधे पर शरण लिए हुए हैं। प्रकृति की दोहरी मार झेल रहे इन लोगों को इस कड़ाके की ठंड में काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। सहायता के नाम पर अत तक केवल आश्वासन ही मिला है। अब तक कटान पीड़ितों को आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में कटान पीड़ित प्लास्टिक के तिरपाल और झोपड़ियों में रहकर ठंड झेल रहे हैं।
वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार (आठगांवा) में बाढ़ विभाग ने घाघरा में बाढ़ का पानी कम होने पर कटानरोधी कार्य करने का आश्वासन दिया था। लेकिन बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद विभाग कटानरोधी कार्य शरू नहीं किया है।
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इब्राहिमबाद नौबरार (आठगांवा) में 2010-11 से अब तक एक हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा ने विलीन हो गया। बाद में 2012-13 में गांव कटान की चपेट में आ गया। प्रकृति की मार झेल रहे ये लोग कई बार प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सहायता की गुहार लगाई। लेकिन सभी ने केवल आश्वासन ही दिया।
परिणाम स्वरूप इब्राहिमाबाद नौबरार गांव का तीन पुरवा नवका टोला, छक्कू टोला, बड़का सूफल टोला के अलावा रामेश्वर टोला का आंशिक हिस्सा घाघरा में विलीन हो गया।
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वे तब से बीएसटी बंधे पर शरण लिए हुए हैं। प्रकृति की दोहरी मार झेल रहे इन लोगों को इस कड़ाके की ठंड में काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। सहायता के नाम पर अत तक केवल आश्वासन ही मिला है। अब तक कटान पीड़ितों को आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में कटान पीड़ित प्लास्टिक के तिरपाल और झोपड़ियों में रहकर ठंड झेल रहे हैं।
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वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार (आठगांवा) में बाढ़ विभाग ने घाघरा में बाढ़ का पानी कम होने पर कटानरोधी कार्य करने का आश्वासन दिया था। लेकिन बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद विभाग कटानरोधी कार्य शरू नहीं किया है।
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इब्राहिमबाद नौबरार (आठगांवा) में 2010-11 से अब तक एक हजार एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा ने विलीन हो गया। बाद में 2012-13 में गांव कटान की चपेट में आ गया। प्रकृति की मार झेल रहे ये लोग कई बार प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से सहायता की गुहार लगाई। लेकिन सभी ने केवल आश्वासन ही दिया।
परिणाम स्वरूप इब्राहिमाबाद नौबरार गांव का तीन पुरवा नवका टोला, छक्कू टोला, बड़का सूफल टोला के अलावा रामेश्वर टोला का आंशिक हिस्सा घाघरा में विलीन हो गया।