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चार से पांच सेमी प्रति घंटे घाघरा में बढ़ाव की रफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 06 Jul 2016 10:01 PM IST
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घाघरा नदी से कटान
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घाघरा के जलस्तर में पिछले 48 घंटे से निरंतर बढ़ाव जारी है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से तटवर्ती वाशिंदे सहम गए है। नदी का पानी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को अपराह्न जलस्तर 62.020 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.990 मीटर कम है।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटे से चार से पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलवृद्धि हो रही है। जलस्तर में वृद्धि के चलते तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर भयग्रस्त है। सहिया ग्राम के यादव बस्ती के निकट कटान हो रही है।
पिछले एक पखवाड़े में करीब पांच एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा में विलीन हो चुकी है। ग्राम का ऐतिहासिक रामलीला मंच के निकट से होकर बाढ़ का पानी गुजर रहा है। कटान का सिलसिला जारी रहा और रोकथाम की व्यवस्था नहीं की गई तो रामलीला मंच समेत यादव बस्ती के अस्तित्व पर ग्रहण लग सकता है।
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मुख्य तहसील दिवस के बाद विधायक गोरख पासवान और सीडीओ के बालाजी ने कटान प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। कटान प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य नहीं किए जाने से तटवर्ती लोगों में आक्रोश की लहर है। क्षेत्रीय जनता ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों से कटान रोकने की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।
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केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 24 घंटे से चार से पांच सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलवृद्धि हो रही है। जलस्तर में वृद्धि के चलते तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर भयग्रस्त है। सहिया ग्राम के यादव बस्ती के निकट कटान हो रही है।
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पिछले एक पखवाड़े में करीब पांच एकड़ कृषि योग्य भूमि घाघरा में विलीन हो चुकी है। ग्राम का ऐतिहासिक रामलीला मंच के निकट से होकर बाढ़ का पानी गुजर रहा है। कटान का सिलसिला जारी रहा और रोकथाम की व्यवस्था नहीं की गई तो रामलीला मंच समेत यादव बस्ती के अस्तित्व पर ग्रहण लग सकता है।
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मुख्य तहसील दिवस के बाद विधायक गोरख पासवान और सीडीओ के बालाजी ने कटान प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। कटान प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य नहीं किए जाने से तटवर्ती लोगों में आक्रोश की लहर है। क्षेत्रीय जनता ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों से कटान रोकने की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है।