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तेलिया नाला नहीं होता तो टूट सकता था एनएच 31
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 27 Aug 2016 09:52 PM IST
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गोपालपुर गांव से ओवरफ्लो होने के बाद तेलिया नाला में गिरता बाढ़ का पानी।
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दूबेछपरा का रिंग बंधा कटने के बाद गोपालपुर ग्राम सभा के उदईछपरा, दूबेछपरा के लोगों में हड़कंप है। बाढ़ का पानी तेजी से गोपालपुर ग्रामसभा को पारकर एनएच से टकराने लगा। आलम यह रहा कि तेलिया नाला होते हुए बाढ़ के पानी ने अपना रुख टेंगरहीं की ओर कर दिया। अगर तेलिया नाला नहीं होता तो एनएच 31 का टूटना तय माना जा रहा था।
एनएच 31 पर बढ़ते बाढ़ के पानी के दबाव के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एलर्ट हो गया। आनन-फानन में एनएच 31 के कमजोर स्थानों पर बालू की बोरिया रखी जाने लगी। लेकिन नाले में तेजी से बाढ़ का पानी गिरने से एनएच 31 पर पानी का दबाव कम हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं प्रशासन के अफसरों ने रिंग बंधे पर आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी।
प्रशासन को डर सता रहा था कि कहीं पूरा रिंग बंधा ही नहीं टूट जाय। ऐसेे में माइक से सूचना प्रसारित कर लोगों को एनएच से भी हटाया जाने लगा। बावजूद इसके एनएच पर कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद प्रशासन ने हल्दी सहित कई स्थानों पर वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि तेलिया नाला में जिस धार से बाढ़ का पानी गिर रहा है।
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यह नाला नहीं होता तो शायद एनएच 31 पानी का दबाव नहीं सहन कर पाता और टूट सकता था। जिससे इस पार के सैकड़ों गांव बाढ़ प्रभावित हो सकते थे। हालांकि बाढ़ के पानी में अमर नाथ पीजी कालेज, पीएन इंटर कालेज दूबेछपरा के साथ ही कई स्कूल पूरी तरह से डूब चुके थे।
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एनएच 31 पर बढ़ते बाढ़ के पानी के दबाव के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से एलर्ट हो गया। आनन-फानन में एनएच 31 के कमजोर स्थानों पर बालू की बोरिया रखी जाने लगी। लेकिन नाले में तेजी से बाढ़ का पानी गिरने से एनएच 31 पर पानी का दबाव कम हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं प्रशासन के अफसरों ने रिंग बंधे पर आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी।
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प्रशासन को डर सता रहा था कि कहीं पूरा रिंग बंधा ही नहीं टूट जाय। ऐसेे में माइक से सूचना प्रसारित कर लोगों को एनएच से भी हटाया जाने लगा। बावजूद इसके एनएच पर कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद प्रशासन ने हल्दी सहित कई स्थानों पर वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि तेलिया नाला में जिस धार से बाढ़ का पानी गिर रहा है।
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यह नाला नहीं होता तो शायद एनएच 31 पानी का दबाव नहीं सहन कर पाता और टूट सकता था। जिससे इस पार के सैकड़ों गांव बाढ़ प्रभावित हो सकते थे। हालांकि बाढ़ के पानी में अमर नाथ पीजी कालेज, पीएन इंटर कालेज दूबेछपरा के साथ ही कई स्कूल पूरी तरह से डूब चुके थे।