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हद है...अस्पताल परिसर को भी नहीं छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 11 Dec 2015 09:55 PM IST
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जिला अस्पताल इन दिनों महाविद्यालय कैंपस बन कर रह गया है। कारण कि नगर के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रसंघ के विभिन्न पदों के प्रत्याशियों के बैनर-पोस्टर से अस्पताल कैंपस पटा पड़ा है।
जबकि अस्पताल परिसर में बैनर और पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण अस्पताल कैंपस में बैनर एवं पोस्टर की बाढ़ सी आ गई है। आलम यह है कि जिला अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर सीएमएस कार्यालय तक छात्रनेताओं का बैनर व पोस्टर चस्पा किया गया है।
इसके अलावा आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, ब्लड बैंक समेत नए जिला चिकित्सालय में बैनर व पोस्टर चस्पा किया गया है। मालूम पड़ रहा है कि अस्पताल परिसर महाविद्यालय परिसर बन गया है।
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जिधर देखो उधर छात्रनेताओं के पोस्टर और बैनर दिखते नजर आ रहे है। पूर्व में जिला अस्पताल कैंपस इससे अछूता रहता था। लेकिन छात्रनेताओं की दादागिरी तथा अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण अस्पताल परिसर इन दिनों महाविद्यालय परिसर बनकर रह गया है।
इस बाबत सीएमएस डा. पीएन नाडर ने बताया कि इससे निजात के लिए जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन चुनाव होने के कारण अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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जबकि अस्पताल परिसर में बैनर और पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण अस्पताल कैंपस में बैनर एवं पोस्टर की बाढ़ सी आ गई है। आलम यह है कि जिला अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर सीएमएस कार्यालय तक छात्रनेताओं का बैनर व पोस्टर चस्पा किया गया है।
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इसके अलावा आपातकालीन कक्ष, ओपीडी, ब्लड बैंक समेत नए जिला चिकित्सालय में बैनर व पोस्टर चस्पा किया गया है। मालूम पड़ रहा है कि अस्पताल परिसर महाविद्यालय परिसर बन गया है।
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जिधर देखो उधर छात्रनेताओं के पोस्टर और बैनर दिखते नजर आ रहे है। पूर्व में जिला अस्पताल कैंपस इससे अछूता रहता था। लेकिन छात्रनेताओं की दादागिरी तथा अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण अस्पताल परिसर इन दिनों महाविद्यालय परिसर बनकर रह गया है।
इस बाबत सीएमएस डा. पीएन नाडर ने बताया कि इससे निजात के लिए जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन चुनाव होने के कारण अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।