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हड़ताल से 10 करोड़ों का कारोबार प्रभावित
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 02 Sep 2016 08:14 PM IST
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कलेक्ट्रट पहुंचकर डीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के कर्मचारी नेता।
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केंद्र व प्रदेश सरकार के श्रम विरोधी नीतियों, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों, पुरानी पेंशन नीति की बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिले के कर्मचारी संगठनों एवं श्रमिक संगठन शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान संगठन के कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों का पूर्णरूप से बंदी करते हुए जुलूस निकाल प्रदर्शन किया, वहीं हड़ताल के कारण रोडवेज की बसें नहीं चलने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बैंकों के बंद रहने से करीब दस करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। ट्रेड यूनियन से जुड़े संगठनों ने भी बंदी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। आल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन तथा आल इंडिया बैंक आफिर्सस एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को अधिकांश बैंक शाखाओं पर ताले लटकते रहे। बैंक कर्मियों ने जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को रोकने, एसबीआई के साथ अन्य सहयोगी बैंकों का विलय रोके जाने, कारपोरेट ऋण बकाएदारों द्वारा जनता के धन को लूटने से रोकने की मांग को लेकर जमकर केंद्र सरकार पर हमला बोला।
इस दौरान बैंक यूनियन के नेता केएन उपाध्याय ने कहा कि बड़े कारपोरेट बकाएदार बैंक से ऋण तो लेते है। लेकिन उसकी वापसी नहीं करते है। जिससे बैंक की स्थिति पूरी तरह खराब हो जाती है। इस मौके पर मिथिलेश कुमार, दिवाकर दूबे, रविंद्र सिंह, गंगा प्रसाद, मनीष कुमार, राजेश अग्रवाल, सुधीर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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इसी क्रम में उप्र राज्यकर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सभी घटक संगठनों ने अपने-अपने कार्यालयों पर पूर्ण तालाबंदी कर सिंचाई विभाग परिसर में इक्कठा होकर नारेबाजी की। संगठन के अध्यक्ष अजय यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने सहित अन्य मांगों को मनवाने के लिए हम आरपार की लड़ाई के मुड में है। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय उर्फ कान्हजी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को कोई भीख में नहीं मांग रहे है।
बल्कि वर्षो सेवा के उपरांत अपना हक मांग रहे है। इस मौके पर प्रताप नारायण उपाध्याय, दय ाशंकर, ओमप्रकाश गुप्ता, रामप्रकाश श्रीवास्तव, शशिकांत, नीरज राय, सुशील कुमार, संत सिंह, रेनू शर्मा, ददन आदि मौजूद रहे। जिला श्रमिक समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर नगर भ्रमण किया।
जिसके उपरांत कलेक्ट्रेट में पहुंच सभा में तब्दील हो गई। कर्मचारी नेता बलवंत कुमार ङ्क्षसह ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के साथ ही एफडीआई पर रोक लगाई जाए। सृजित पदों पर ठेकेदारी प्रथा से काम लेना बंद किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्हें न्यूनतम मजदूरी 26 हजार दिया जाए।
इस मौके पर केके पांडेय, राघवेंद्र सिंह, राजेश कुमार पांडेय, रंगनाथ मिश्र, सुरेंद्र नाथ सिंह, अविनाश उपाध्याय, चंद्रशेखर यादव, अजय चौबे सहित 54 संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान रोडवेज इंपलाइज यूनियन के कर्मचारियों ने रोडवेज पर जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल के चलते अधिकांश मार्गों पर आवागमन 12 बजे तक बाधित रहा। इस मौके पर अध्यक्ष विनोद सिंह, सुनील कुमार, विनोद कुमार, श्याम बिहारी, जवाहर प्रसाद, मुन्ना यादव सहित समस्त रोडवेज कर्मचारी शामिल रहे।
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बैंकों के बंद रहने से करीब दस करोड़ का लेन-देन प्रभावित हुआ। ट्रेड यूनियन से जुड़े संगठनों ने भी बंदी को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। आल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन तथा आल इंडिया बैंक आफिर्सस एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को अधिकांश बैंक शाखाओं पर ताले लटकते रहे। बैंक कर्मियों ने जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को रोकने, एसबीआई के साथ अन्य सहयोगी बैंकों का विलय रोके जाने, कारपोरेट ऋण बकाएदारों द्वारा जनता के धन को लूटने से रोकने की मांग को लेकर जमकर केंद्र सरकार पर हमला बोला।
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इस दौरान बैंक यूनियन के नेता केएन उपाध्याय ने कहा कि बड़े कारपोरेट बकाएदार बैंक से ऋण तो लेते है। लेकिन उसकी वापसी नहीं करते है। जिससे बैंक की स्थिति पूरी तरह खराब हो जाती है। इस मौके पर मिथिलेश कुमार, दिवाकर दूबे, रविंद्र सिंह, गंगा प्रसाद, मनीष कुमार, राजेश अग्रवाल, सुधीर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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इसी क्रम में उप्र राज्यकर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सभी घटक संगठनों ने अपने-अपने कार्यालयों पर पूर्ण तालाबंदी कर सिंचाई विभाग परिसर में इक्कठा होकर नारेबाजी की। संगठन के अध्यक्ष अजय यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने सहित अन्य मांगों को मनवाने के लिए हम आरपार की लड़ाई के मुड में है। सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय उर्फ कान्हजी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को कोई भीख में नहीं मांग रहे है।
बल्कि वर्षो सेवा के उपरांत अपना हक मांग रहे है। इस मौके पर प्रताप नारायण उपाध्याय, दय ाशंकर, ओमप्रकाश गुप्ता, रामप्रकाश श्रीवास्तव, शशिकांत, नीरज राय, सुशील कुमार, संत सिंह, रेनू शर्मा, ददन आदि मौजूद रहे। जिला श्रमिक समन्वय समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर नगर भ्रमण किया।
जिसके उपरांत कलेक्ट्रेट में पहुंच सभा में तब्दील हो गई। कर्मचारी नेता बलवंत कुमार ङ्क्षसह ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के साथ ही एफडीआई पर रोक लगाई जाए। सृजित पदों पर ठेकेदारी प्रथा से काम लेना बंद किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्हें न्यूनतम मजदूरी 26 हजार दिया जाए।
इस मौके पर केके पांडेय, राघवेंद्र सिंह, राजेश कुमार पांडेय, रंगनाथ मिश्र, सुरेंद्र नाथ सिंह, अविनाश उपाध्याय, चंद्रशेखर यादव, अजय चौबे सहित 54 संगठनों के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान रोडवेज इंपलाइज यूनियन के कर्मचारियों ने रोडवेज पर जोरदार तरीके से प्रदर्शन किया। रोडवेज कर्मचारियों के हड़ताल के चलते अधिकांश मार्गों पर आवागमन 12 बजे तक बाधित रहा। इस मौके पर अध्यक्ष विनोद सिंह, सुनील कुमार, विनोद कुमार, श्याम बिहारी, जवाहर प्रसाद, मुन्ना यादव सहित समस्त रोडवेज कर्मचारी शामिल रहे।