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UP: तिरंगे में लिपटा जवान का शव...चोट के निशान देख रोकी अंत्येष्टि, माहौल गमगीन; परेड में गिर गए थे शंभूनाथ

Mon, 02 Feb 2026 07:17 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 02 Feb 2026 07:17 PM IST
सार

Ballia News: जवान शम्भूनाथ सिंह की अंत्येष्टि पचरुखिया गंगा तट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। यहां एसएसबी के जवानों ने शंभूनाथ सिंह को शस्त्र उल्टा कर उन्हें अंतिम सलामी दी। मुखाग्नि उनके बड़े पुत्र 10 वर्षीय निखिल सिंह ने दी।

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soldier dead body arrived wrapped in indian flag funeral stopped after injury marks noticed in ballia
जवान शम्भूनाथ सिंह की लाश को कंधा देते लोग। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: तिरंगे में लिपटा सुरक्षा बल (एसएसबी) के जवान शम्भूनाथ सिंह का शव इब्राहिमाबाद गांव पहुंचा तो पिता ददन सिंह, मां मलावती देवी, पत्नी पूजा सिंह और पुत्र निखिल सिंह, यश कुमार सिंह दहाड़े मारकर रोने लगे। गांव में मातम पसर गया। मृत जवान की अंत्येष्टि पचरुखिया गंगा तट पर राजकीय सम्मान के साथ की गई। शव के साथ पहुंचे एसएसबी के जवानों ने अंतिम सलामी दी।

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इब्राहिमाबाद गांव निवासी ददन सिंह के 35 वर्षीय पुत्र शंभूनाथ सिंह एसएसबी के 41वीं बटालियन में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में तैनात थे। बटालियन से आए जवानों का कहना है कि 31 जनवरी को परेड में भाग लेने जाते समय परेड ग्राउंड में अचानक शंभूनाथ सिंह गिर गए। उन्हें आनन फानन जवानों ने अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान एक फरवरी को तड़के उनकी मौत हो गई। 
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मृतक जवान शंभूनाथ सिंह के भाई पंकज सिंह के साथ ही अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि गिरने से मौत नहीं हुई है। शम्भूनाथ सिंह के शरीर पर कई चोट का निशान बता रहा है कि उनको पीट-पीट कर मारा गया है। हालांकि बटालियन के जवानों ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव लेकर सोमवार को सुबह उनके गांव इब्राहिमाबाद पहुंचे। 
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इसे देख जवान की मां मलावती देवी, पत्नी पूजा देवी, पिता ददन सिंह का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। सभी दहाड़े मार कर रोने लगे। पत्नी पूजा बार-बार बेहोश हो जा रही थी। 10 वर्षीय पुत्र निखिल व 8 वर्षीय पुत्र यश अपने पापा के शव से लिपटकर चिल्ला चिल्ला कर रो रहे थे। इससे वहां एकत्र सभी लोगों की आंखें नम हो गई। प्रधान प्रतिनिधि अखिलेश सिंह और भाजपा नेता निर्भय सिंह गहलौत ने स्थिति संभाली। 

अंत्येष्टि की तैयारी में लग गए। निर्भय सिंह गहलौत ने बताया कि शंभूनाथ सिंह छह भाई में चौथे नंबर पर थे। 2010 में दिल्ली में एसएसबी में भर्ती हुए थे। बहुत ही मिलनसार थे। गांव में सभी लोग उनसे बहुत प्यार करते थे। 

चोट के निशान देख रोकी अंत्येष्टि, आश्वासन पर माने
एसएसबी जवान का शव अंत्येष्टि के लिए पचरुखिया गंगा घाट पहुंचा। विधि-विधान करने के दौरान परिजनों ने देखा की शरीर पर चोट के निशान है। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और शव को अंत्येष्टि करने से मना कर दिया। सूचना पर थानाध्यक्ष हल्दी राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले शहीद जवान के परिजनों से बातचीत की। समाधान करने के लिए एसएसबी बटालियन के कमांडेंट से बात की। 

कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हमारे व्हाट्सएप पर भेजें ताकि परिजनों को संतुष्ट किया जा सके। हालांकि कुछ देर बाद डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से तीन दिन बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलनी है। हालांकि कमांडेंट ने आश्वासन दिया कि जवान के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी। तीन दिन बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को उपलब्ध करा दी जाएगी। कमांडेंट के आश्वासन मिलने पर राजकीय सम्मान के साथ शहीद के शव की अंत्येष्टि की गई।

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