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Ballia News: मधुबन ढाला ओवरब्रिज के 21 पिलरों के लिए मिट्टी की जांच शुरू
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बेल्थरारोड-मधुबन मार्ग स्थित मधुबन ढाला पर ओवरब्रीज निर्माण के लिए हो रही खुदाई।संवाद
- फोटो : 1
चौकियामोड़ (बलिया)। बेल्थरारोड-मधुबन मार्ग पर क्रॉसिंग संख्या-19 स्पेशल स्थित मधुबन ढाला पर ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रस्तावित ओवरब्रिज के 21 पिलरों के लिए मिट्टी की सैंपलिंग शुरू कर दी गई है। एक सप्ताह में नमूने लेने का काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माण की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ओवरब्रिज बनने से रेलवे फाटक बंद होने पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बेल्थरारोड कृषि मंडी के पास से कुशहा भाड़ के भटपुरवा गांव के करीब तक प्रस्तावित ओवरब्रिज बनाया जाना है। इसके लिए चिह्नित सभी 21 पिलरों के स्थानों पर मिट्टी की गुणवत्ता जांची जा रही है। भटपुरवा की ओर चार पिलर 50-50 मीटर की दूरी पर प्रस्तावित हैं, जबकि शेष पिलरों के लिए करीब 24-24 मीटर की दूरी पर नमूने लिए जा रहे हैं।
लखनऊ की एसएस लैब की निर्माण टीम की देखरेख में जांच का कार्य कराया जा रहा है। इंजीनियर उदयवीर ने बताया कि रविवार से काम शुरू कर पिलरों के मापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। सोमवार से मिट्टी के नमूने लेने का काम शुरू हुआ है। निर्धारित स्थानों से सैंपलिंग पूरी होने के बाद मिट्टी का परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद करीब तीन से चार माह में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने की संभावना है।
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फाटक बंद होते ही लग जाती है वाहनों की कतार
रेलवे लाइन के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में मधुबन ढाला का फाटक बार-बार बंद होने से सड़क यातायात प्रभावित होता है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। लोगों को फाटक खुलने तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से रेल और सड़क यातायात के बीच बाधा कम होने के साथ ही जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण शुरू होने की समय सीमा मिट्टी जांच रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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बेल्थरारोड कृषि मंडी के पास से कुशहा भाड़ के भटपुरवा गांव के करीब तक प्रस्तावित ओवरब्रिज बनाया जाना है। इसके लिए चिह्नित सभी 21 पिलरों के स्थानों पर मिट्टी की गुणवत्ता जांची जा रही है। भटपुरवा की ओर चार पिलर 50-50 मीटर की दूरी पर प्रस्तावित हैं, जबकि शेष पिलरों के लिए करीब 24-24 मीटर की दूरी पर नमूने लिए जा रहे हैं।
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लखनऊ की एसएस लैब की निर्माण टीम की देखरेख में जांच का कार्य कराया जा रहा है। इंजीनियर उदयवीर ने बताया कि रविवार से काम शुरू कर पिलरों के मापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। सोमवार से मिट्टी के नमूने लेने का काम शुरू हुआ है। निर्धारित स्थानों से सैंपलिंग पूरी होने के बाद मिट्टी का परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद करीब तीन से चार माह में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने की संभावना है।
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फाटक बंद होते ही लग जाती है वाहनों की कतार
रेलवे लाइन के दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में मधुबन ढाला का फाटक बार-बार बंद होने से सड़क यातायात प्रभावित होता है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। लोगों को फाटक खुलने तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने से रेल और सड़क यातायात के बीच बाधा कम होने के साथ ही जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण शुरू होने की समय सीमा मिट्टी जांच रिपोर्ट और आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।