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Ballia News: पति से एक लाख से अधिक लिया था उधार, साजिश कर फंसाया
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बलिया। बांसडीह सीएचसी के अधीक्षक रहे डॉक्टर वेंकटेश मौआर की पत्नी प्रियंका मौआर ने अमृत फार्मेसी के संचालक पर एक लाख से अधिक रुपये उधार लेने और रुपये लौटाने के बहाने फंसाने का आरोप लगाया है। पति की मौत के बाद उन्होंने कहा कि अलग-अलग बैंक खाते से जून 2024 में करीब 75 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन का स्क्रीन शार्ट मिला है। अन्य ट्रांजेक्शन दूसरे मोबाइल में है, जो विजिलेंस टीम के पास है। फार्मेंसी के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि आरोपों को गलत बताया है।
डॉक्टर वेंकटेश मौआर ने फार्मेसी पर बाहर की दवा बेचने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसको लेकर फार्मेसी संचालक पति से नाराज था। उसने पति से लिए गए उधार पैसे देने से मना कर दिया और पति पर झूठा आरोप लगाकर शिकायत कर दी थी। एक स्थानीय नेता के यहां पंचायत होने पर संचालक ने पैसे देने की हामी भरी थी। उसी डेट पर 20 हजार रुपये देने ओपीडी में आया था, लेकिन साजिश के तहत विजिलेंस टीम को बुला लिया था। विजिलेंस घूस के आरोप में पति को गिरफ्तार कर वाराणसी लेकर चली गई। पत्नी प्रियंका के अनुसार, घूस की शिकायत करने वाले अजय तिवारी के भाई पूर्व में सीएचसी की ओपीडी में निशुल्क सेवा देते थे। दो डॉक्टरों की तैनाती पर पति वेंकटेश ने उन्हें ओपीडी में बैठने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने अमृत फार्मेसी खोल ली। फार्मेंसी खुलने के बाद वह डॉक्टरों पर दवा लिखने का दबाव बनाने लगे। जबकि सीएचसी पर सभी दवाएं निशुल्क मिल रही थीं। इसका विरोध करने पर पति को हटाने के लिए साजिश कर विजिलेंस से पकड़वाने का आरोप लगाया।
फार्मेंसी के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि वेंकटेश की मौत का दुख है। उनकी पत्नी का आरोप गलत है। डॉ. वेंकटेश मौआर को मैंने नौ लाख रुपये कर्ज दिए थे। उसके बदले उन्होंने वार्ड बॉय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। सभी की शिकायत सीएमओ से की गई है।
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डॉक्टर वेंकटेश मौआर ने फार्मेसी पर बाहर की दवा बेचने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसको लेकर फार्मेसी संचालक पति से नाराज था। उसने पति से लिए गए उधार पैसे देने से मना कर दिया और पति पर झूठा आरोप लगाकर शिकायत कर दी थी। एक स्थानीय नेता के यहां पंचायत होने पर संचालक ने पैसे देने की हामी भरी थी। उसी डेट पर 20 हजार रुपये देने ओपीडी में आया था, लेकिन साजिश के तहत विजिलेंस टीम को बुला लिया था। विजिलेंस घूस के आरोप में पति को गिरफ्तार कर वाराणसी लेकर चली गई। पत्नी प्रियंका के अनुसार, घूस की शिकायत करने वाले अजय तिवारी के भाई पूर्व में सीएचसी की ओपीडी में निशुल्क सेवा देते थे। दो डॉक्टरों की तैनाती पर पति वेंकटेश ने उन्हें ओपीडी में बैठने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने अमृत फार्मेसी खोल ली। फार्मेंसी खुलने के बाद वह डॉक्टरों पर दवा लिखने का दबाव बनाने लगे। जबकि सीएचसी पर सभी दवाएं निशुल्क मिल रही थीं। इसका विरोध करने पर पति को हटाने के लिए साजिश कर विजिलेंस से पकड़वाने का आरोप लगाया।
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फार्मेंसी के संचालक अजय तिवारी ने कहा कि वेंकटेश की मौत का दुख है। उनकी पत्नी का आरोप गलत है। डॉ. वेंकटेश मौआर को मैंने नौ लाख रुपये कर्ज दिए थे। उसके बदले उन्होंने वार्ड बॉय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया था। सभी की शिकायत सीएमओ से की गई है।
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