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शहर की सड़कों पर शंखनाद, पत्रकारों को बाइज्जत रिहा करो

Fri, 08 Apr 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 11:15 PM IST
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Shankhnaad on the streets of the city, release the journalists with disgrace
पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लेने की मांग को लेकर थाली, ताली बजाते हुए कलेक्ट्रेट की ओर जा? - फोटो : BALLIA
बलिया। यूपी बोर्ड का इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक होने की सूचना देने पर गिरफ्तार किए गए पत्रकारों की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार मोर्चा के बैनर तले पत्रकारों, व्यापारियों, छात्रों, रसोइयों व विभिन्न राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों के लोग शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। लोगों ने थाली-ताली, घंटी, शंख बजाकर पत्रकारों की बिना शर्त रिहाई और डीएम-एसपी के निलंबन की मांग की। एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
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शुक्रवार को पत्रकार, व्यापारी, पटरी दुकानदार, राजनीतिक दलों, रसोइया महासंघ, छात्र और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने नगर के टाउन हाल मैदान से ताली, घंट, शंख आदि बजाते हुए मार्च निकाला। इसमें शामिल लोग कासिम बाजार, शहीद चौक, शहीद चौक-स्टेशन रोड होते हुए चित्तू पांडेय, गांधी नगर, टीडी कालेज चौराहे से डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां जुलूस धरने में तब्दील हो गया। इस दौरान डीएम-एसपी गो बैक के नारे लगाए गए। बैरिया के पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यह बलिया के स्वाभिमान की लड़ाई है। जिला प्रशासन बाबा साहब के संविधान को दरकिनार कर अपना संविधान लागू कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर बलिया ब्रिटिश हुकूमत को हटा सकता है तो डीएम को हटाना मामूली बात है। कहा कि अगर पत्रकारों की रिहाई नहीं की गई तो बैरिया से पांच हजार कार्यकर्ता जेल भरने पहुंच जाएंगे। बलिया शहीद मंगल पांडेय, चित्तू पांडेय का जिला है। कहा कि जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे। मांग की कि डीएम पत्रकारों से मांफी मांगें और उनको बिना शर्त रिहा करवाएं।
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नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता ने कहा कि बलिया के डीएम ने सच उजागर करने वाले तीन पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अपनी कमियां छिपाने के लिए जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है। चितबड़ागांव के चेयरमैन केशरी नंदन त्रिपाठी ने कहा कि जिलाधिकारी ने शिक्षा माफिया को पकड़ने के बजाय निर्दोष पत्रकारों को जेल भेज दिया। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रसोइया संघ की अध्यक्ष रेनू शर्मा ने कहा कि डीएम निर्दोष पत्रकारों को तत्काल रिहा करवाएं, अन्यथा जनपद की महिलाएं उनको चूड़ियां पहनाएंगी। डीएम का बाहर निकलना मुश्किल कर देंगी। आंदोलन को प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने भी समर्थन दिया। इस मौके पर भाकपा माले से लक्ष्मण यादव, सीपीएम से रामकृष्ण यादव, अपना दल एस से आकाश पटेल और अशोक गुप्ता, अधिवक्ता संघ से मनोज राय, बीसीडीए के अध्यक्ष आनंद सिंह, व्यापार मंडल के रजनीकांत सिंह, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल से सुनील परख, पटरी दुकानदार संगठन के अध्यक्ष विकास पांडेय लाला, सामाजिक कार्यकर्ता मोहनीश गुप्ता, कायस्थ महासभा से निषिथ कुमार, रसोइया संघ से रेनू शर्मा, गोंगपा के अरविंद गोंडवाना, कांग्रेस के रूपेश चौबे, प्रदीप वर्मा, मंजय सिंह, सुनील सराफ, प्रदीप रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
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