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पक्का पुल निर्माण को सात करोड़ जारी, निर्माण में आएगी तेजी
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सिकन्दरपुर के खरीद दरौली घाट पर बन रहा पक्के पुल।
- फोटो : BALLIA
सिकंदरपुर। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने के लिए खरीद दरौली घाट पर बन रहे पक्का पुल के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने सात करोड़ रुपये जारी किया है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आने के आसार हैं। इस पक्का पुल के निर्माण होने के बाद क्षेत्र के लोगों को काफी सहूलियत होगी और इस पुल का लाभ उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को मिलेगा।
घाघरा नदी पर बनने वाले पक्के पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था। विगत ढाई सालों में मात्र पांच पाए का ही निर्माण हो पाया था जिससे इस पुल के निर्माण में अभी बरसों लगने की उम्मीद की जा रही थी। अक्तूबर 2016 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा पुल की कुल लागत162 करोड़ रुपये के सापेक्ष बतौर प्रथम क़िस्त के रूप में 17 करोड़ रुपये जारी किए थे। इसके बाद निर्माण कार्य तो शुरू हुआ लेकिन विगत ढाई सालों में मात्र पांच पाए का निर्माण ही अब तक हो पाया था। दो पाए का निर्माण कार्य जारी है। इस पुल के निर्माण की घोषणा होने पर इलाकाई लोगों में खुशी तो हुई थी लेकिन उसके निर्माण में हो रही देरी से लोगों में आक्रोश व्याप्त था। उत्तर प्रदेश और बिहार के सैकड़ों गांव एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बरसात के दिनों में दस किमी की दूरी के लिए 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। यह पुल बन जाने से सिकंदरपुर से सिवान की दूरी मात्र 30 किमी हो जाएगी। वहीं बिहार के दरौली, डुमरहर, अमरपुर, किशुनपाली, कशिला, पतार समेत कई गांवों के लोगों के लिए बाजार करने की सुविधा भी मिलेगी।
पक्का पुल के निर्माण में धन की कमी नहीं होगी: संजय
सिकंदरपुर। क्षेत्रीय विधायक संजय यादव ने कहा कि खरीद दरौली घाट पर पक्के पुल के निर्माण हेतु अब धन की कमी नही होने दी जाएगी। पुल निर्माण में तेजी के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। अब समय समय पर धन अवमुक्त होता रहेगा। कहा कि पूर्व की सरकारों में केवल घोषणाएं की गई। जमीनी स्तर पर कार्य भाजपा की सरकार में हो रहा है। आज आम जनमानस तक सभी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
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घाघरा नदी पर बनने वाले पक्के पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था। विगत ढाई सालों में मात्र पांच पाए का ही निर्माण हो पाया था जिससे इस पुल के निर्माण में अभी बरसों लगने की उम्मीद की जा रही थी। अक्तूबर 2016 में प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा पुल की कुल लागत162 करोड़ रुपये के सापेक्ष बतौर प्रथम क़िस्त के रूप में 17 करोड़ रुपये जारी किए थे। इसके बाद निर्माण कार्य तो शुरू हुआ लेकिन विगत ढाई सालों में मात्र पांच पाए का निर्माण ही अब तक हो पाया था। दो पाए का निर्माण कार्य जारी है। इस पुल के निर्माण की घोषणा होने पर इलाकाई लोगों में खुशी तो हुई थी लेकिन उसके निर्माण में हो रही देरी से लोगों में आक्रोश व्याप्त था। उत्तर प्रदेश और बिहार के सैकड़ों गांव एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। बरसात के दिनों में दस किमी की दूरी के लिए 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। यह पुल बन जाने से सिकंदरपुर से सिवान की दूरी मात्र 30 किमी हो जाएगी। वहीं बिहार के दरौली, डुमरहर, अमरपुर, किशुनपाली, कशिला, पतार समेत कई गांवों के लोगों के लिए बाजार करने की सुविधा भी मिलेगी।
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पक्का पुल के निर्माण में धन की कमी नहीं होगी: संजय
सिकंदरपुर। क्षेत्रीय विधायक संजय यादव ने कहा कि खरीद दरौली घाट पर पक्के पुल के निर्माण हेतु अब धन की कमी नही होने दी जाएगी। पुल निर्माण में तेजी के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। अब समय समय पर धन अवमुक्त होता रहेगा। कहा कि पूर्व की सरकारों में केवल घोषणाएं की गई। जमीनी स्तर पर कार्य भाजपा की सरकार में हो रहा है। आज आम जनमानस तक सभी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
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