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Ballia News: व्यवस्थाएं सुधारने के लिए रेड, यलो और ग्रीन जोन
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बलिया। भीषण गर्मी के बीच जनपद में मौत का आकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति भयावह है। लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम मौत के कारणों को जानने व चिकित्सकीय व्यवस्था सुधारने के लिए जनपद में दो दिन से कैम्प किए हुए है। टीम की मानिटरिंग से जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी और पीएचसी पर व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं।
डीएम रविंद्र कुमार ने सोमवार को भी अस्पताल का जायजा लिया। उन्होंने वार्डों में एसी लगाने और इमरजेंसी गेट पर स्ट्रेचर व कूलरों में पानी भरने के लिए दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा। इमरजेंसी और मेडिकल वार्ड का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए। लखनऊ की टीम ने सीएमएस को सुझाव दिया। भर्ती होने वाले मरीजों की हालत में सुधार होने तक लागातर शरीर का टेम्परेचर चेक करने के बाद बीएचटी पर लिखने को कहा। तीन शिफ्ट में सफाई के निर्देश दिए गए। मरीजों की मानिटरिंग के लिए अस्पताल को तीन जोन में बांटा गया है। 25 बेड रेड जोन में गम्भीर मरीजों के लिए रखे गए हैं। 15 बेड के यलो जोन में थोड़े सुधार होने वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा। 30 बेड के ग्रीन जोन में खतरे से बाहर मरीज रखे जाएंगे। रेड जोन वाले मरीज की 24 घंटों निगरानी होगी। जोन में बंटने के बाद मरीजों की निगरानी रखने में काफी मददद मिलेगी।
कई जान गंवाने के बाद वार्डों में लगवाए एसी
बलिया। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी के बीच 100 से ज्यादा मरीज दम तोड़ चुके हैं। मरीजों की मौत का एक कारण अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी भी है। वार्डों में कूलर तो लगाए गए थे, लेकिन पानी के अभाव में वो किसी काम के नहीं थे। पंखों से मरीजों को कोई राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में बीमार मरीजों की परेशानी और बढ़ रही थी। लगातार मौतों के बाद सोमवार को इमजेंसी व मेडिकल वार्ड का टेम्परेचर देख जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार भड़क गए। फेफना कोविड अस्पताल से लाए गए बड़े एसी को तीन वार्डों में लगाने का आदेश दिया। डीएम के आदेश पर बिजली विभाग की टीम अस्पताल में पहुंची। एसी लगाने की हरी झंडी दे दी। शाम तक तीनों वार्डों में चार-चार टन के एसी लग गए थे। शाम को डीएम ने फिर अस्पताल पहुंचकर इसका जायजा लिया।
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डीएम रविंद्र कुमार ने सोमवार को भी अस्पताल का जायजा लिया। उन्होंने वार्डों में एसी लगाने और इमरजेंसी गेट पर स्ट्रेचर व कूलरों में पानी भरने के लिए दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को कहा। इमरजेंसी और मेडिकल वार्ड का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए। लखनऊ की टीम ने सीएमएस को सुझाव दिया। भर्ती होने वाले मरीजों की हालत में सुधार होने तक लागातर शरीर का टेम्परेचर चेक करने के बाद बीएचटी पर लिखने को कहा। तीन शिफ्ट में सफाई के निर्देश दिए गए। मरीजों की मानिटरिंग के लिए अस्पताल को तीन जोन में बांटा गया है। 25 बेड रेड जोन में गम्भीर मरीजों के लिए रखे गए हैं। 15 बेड के यलो जोन में थोड़े सुधार होने वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा। 30 बेड के ग्रीन जोन में खतरे से बाहर मरीज रखे जाएंगे। रेड जोन वाले मरीज की 24 घंटों निगरानी होगी। जोन में बंटने के बाद मरीजों की निगरानी रखने में काफी मददद मिलेगी।
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कई जान गंवाने के बाद वार्डों में लगवाए एसी
बलिया। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों में भीषण गर्मी के बीच 100 से ज्यादा मरीज दम तोड़ चुके हैं। मरीजों की मौत का एक कारण अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी भी है। वार्डों में कूलर तो लगाए गए थे, लेकिन पानी के अभाव में वो किसी काम के नहीं थे। पंखों से मरीजों को कोई राहत नहीं मिल रही है। ऐसे में बीमार मरीजों की परेशानी और बढ़ रही थी। लगातार मौतों के बाद सोमवार को इमजेंसी व मेडिकल वार्ड का टेम्परेचर देख जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार भड़क गए। फेफना कोविड अस्पताल से लाए गए बड़े एसी को तीन वार्डों में लगाने का आदेश दिया। डीएम के आदेश पर बिजली विभाग की टीम अस्पताल में पहुंची। एसी लगाने की हरी झंडी दे दी। शाम तक तीनों वार्डों में चार-चार टन के एसी लग गए थे। शाम को डीएम ने फिर अस्पताल पहुंचकर इसका जायजा लिया।
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