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Ballia News: सरयू पर रेल पुल तैयार, नवंबर के अंत तक दौड़ सकती हैं ट्रेनें
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बैरिया क्षेत्र के मांझी घाट स्थित सरयू नदी पर बना रेल पुल।संवाद
बैरिया। बलिया-छपरा रेलखंड पर बकुलहा और मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर बना बहुप्रतीक्षित रेल पुल ट्रेनों के परिचालन के लिए तैयार है।
करीब 246 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1180 मीटर लंबे इस पुल पर ट्रेनों के संचालन के लिए अब मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की अनुमति का इंतजार है। रेलवे को उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। पुल चालू होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और दोहरी रेल लाइन के परिचालन का रास्ता भी साफ होगा।
तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की मंजूरी के बाद वर्ष 2012 में मांझी के पास सरयू नदी पर नए रेल पुल का निर्माण शुरू हुआ था। शुरुआती योजना के तहत पुल की लंबाई 1120 मीटर निर्धारित की गई थी और इसके 19 पाए तैयार कर लिए गए थे। हालांकि, दिल्ली से आई तकनीकी टीम ने निरीक्षण के दौरान निर्माण में कुछ खामियां बताते हुए पुल की लंबाई 60 मीटर बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके बाद दो अतिरिक्त पाए बनाए गए और पुल की लंबाई बढ़ाकर 1180 मीटर कर दी गई। लंबाई बढ़ाने के कारण निर्माण लागत में करीब 40 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इस तरह पुल के निर्माण पर कुल 246 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
नए पुल की सुरक्षा और नदी के बहाव से दोनों छोर को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे ने उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर गाइड बंध बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। दोनों छोर पर 50-50 मीटर लंबे गाइड बंध बनाए जाने हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, इनका निर्माण कार्य जारी है और अब तक करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्त ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त को निरीक्षण के लिए पत्र भेजा गया है। सीआरएस का निरीक्षण पूरा होने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पूर्वोत्तर
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करीब 246 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1180 मीटर लंबे इस पुल पर ट्रेनों के संचालन के लिए अब मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की अनुमति का इंतजार है। रेलवे को उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी कर नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। पुल चालू होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी और दोहरी रेल लाइन के परिचालन का रास्ता भी साफ होगा।
तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की मंजूरी के बाद वर्ष 2012 में मांझी के पास सरयू नदी पर नए रेल पुल का निर्माण शुरू हुआ था। शुरुआती योजना के तहत पुल की लंबाई 1120 मीटर निर्धारित की गई थी और इसके 19 पाए तैयार कर लिए गए थे। हालांकि, दिल्ली से आई तकनीकी टीम ने निरीक्षण के दौरान निर्माण में कुछ खामियां बताते हुए पुल की लंबाई 60 मीटर बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके बाद दो अतिरिक्त पाए बनाए गए और पुल की लंबाई बढ़ाकर 1180 मीटर कर दी गई। लंबाई बढ़ाने के कारण निर्माण लागत में करीब 40 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इस तरह पुल के निर्माण पर कुल 246 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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नए पुल की सुरक्षा और नदी के बहाव से दोनों छोर को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे ने उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर गाइड बंध बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। दोनों छोर पर 50-50 मीटर लंबे गाइड बंध बनाए जाने हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, इनका निर्माण कार्य जारी है और अब तक करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
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रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्त ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त को निरीक्षण के लिए पत्र भेजा गया है। सीआरएस का निरीक्षण पूरा होने और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद नए पुल से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। पूर्वोत्तर