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चीन से व्यावसायिक रिश्ते खत्म करें
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:46 PM IST
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चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) में भारत की सदस्यता का चीन की ओर से विरोध करने से नाराज छात्र नेताओं ने टीडी कॉलेज चौराहे पर प्रदर्शन किया। चीन का राष्ट्रीय झंडा और वहां के राष्ट्रपति सी जिनपिंग की तस्वीर जलाई। साथ ही चीन से व्यावसायिक संबंध खत्म करने की मांग की। कहा, चीन काे भारत की तरक्की नहीं सुहाती।
ऐसे में उसने जानबूझकर एनएसजी मामले में टांग अड़ाया है। छात्रनेता रूपेश चौबे ने कहा कि चीन भारत के साथ हमेशा ही द्वेषपूर्ण व्यवहार करता है। फिर भी भारत के नेता दोस्ती की बात करते हैं। 1962 से लेकर अब तक हर समय उदंडता करता रहा है। कभी अरुणाचल प्रदेश में तो कभी सिक्किम में घुसपैठ करता है। फिर भी भारत सरकार शांति बनाए रखने की बात करती है। कहा कि भारत को चीन के नेतृत्व वाली शंघाई सहयोग संगठन से बाहर आ जाना चाहिए।
उन्होंने कहा िक चीन के साथ 30 अरब डालर प्रति वर्ष घाटे को देखते हुए ब्रिटेन की तर्ज पर भारत को डब्लूटीओ में बने रहने पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए। इस मौके पर संतोष सिंह, अमित दूबे, शिप्रांत सिंह, जैनेंद्र पांडेय, विवेक पांडेय, धनजी यादव, विकास पांडेय, कुलवर्धन ओझा रत्नाकर पांडेय आदि लोग रहे।
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ऐसे में उसने जानबूझकर एनएसजी मामले में टांग अड़ाया है। छात्रनेता रूपेश चौबे ने कहा कि चीन भारत के साथ हमेशा ही द्वेषपूर्ण व्यवहार करता है। फिर भी भारत के नेता दोस्ती की बात करते हैं। 1962 से लेकर अब तक हर समय उदंडता करता रहा है। कभी अरुणाचल प्रदेश में तो कभी सिक्किम में घुसपैठ करता है। फिर भी भारत सरकार शांति बनाए रखने की बात करती है। कहा कि भारत को चीन के नेतृत्व वाली शंघाई सहयोग संगठन से बाहर आ जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा िक चीन के साथ 30 अरब डालर प्रति वर्ष घाटे को देखते हुए ब्रिटेन की तर्ज पर भारत को डब्लूटीओ में बने रहने पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए। इस मौके पर संतोष सिंह, अमित दूबे, शिप्रांत सिंह, जैनेंद्र पांडेय, विवेक पांडेय, धनजी यादव, विकास पांडेय, कुलवर्धन ओझा रत्नाकर पांडेय आदि लोग रहे।
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