{"_id":"6786a26131d0486f3c0c9950","slug":"operations-are-not-being-done-due-to-lack-of-modern-ot-ballia-news-c-190-bal1001-131288-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: आधुनिक ओटी के अभाव में नहीं हो पा रहे ऑपरेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: आधुनिक ओटी के अभाव में नहीं हो पा रहे ऑपरेशन
विज्ञापन
बलिया। जिले के अंतिम छोर बैरिया के सोनबरसा सीएचसी पर आधुनिक ओटी के अभाव में मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। 3.75 लाख की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदार सीएचसी पर है। ऑपरेशन न होेने के कारण मरीजों को 45 किमी दूर जिला अस्पताल या छपरा जाते हैं।
सीएचसी परिसर में ओटी के नाम पर एक कमरे में कुछ सर्जिकल व उपकरण है। इससे बड़े ऑपरेशन नहीं हो सकते हैं। उपकरण के अभाव में नेत्र रोग चिकित्सक पिछले एक वर्ष में एक भी आंख का ऑपरेशन नहीं कर सके हैं। विभाग ने उनका वेतन रोक दिया है। बैरिया क्षेत्र के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सोनबरसा में करीब 29.30 करोड़ की लागत में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण हो चुका है। कार्यदायी संस्थान की लापरवाही के कारण नये भवन में अब तक चिकित्सकीय सुविधा चालू नहीं हो पा रही है। अस्पताल के लिए पांच करोड़ से ऊपर की आधुनिक मशीन धूल फांक रही है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। हाइड्रोसिल व मरहम पट्टी को छोड़ दे तो अन्य गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल, छपरा या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। वहां चिकित्सक मनमाना पैसा वसूलते हैं। नये अस्पताल में 70 बेड व पुराने तीस बेड कुल 100 बेड पर 20 चिकित्सक की तैनाती है। लेकिन, धरातल पर सिर्फ चार से पांच चिकित्सक डयूटी करते हैं, अन्य दूसरे अस्पतालों से अटैच है। एनेस्थीसिया महिला अस्पताल से अटैच है। महिला स्त्री चिकित्सक की तैनाती होने के बावजूद अब तक यहां सिजेरियन से डिलीवरी की सुविधा शुरू हो सकी। नये भवन में आधुनिक ओटी में नई मशीनें इंस्टाल होगी, उसके बाद मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। जिला अस्पताल में बैरिया क्षेत्र के प्रतिदिन करीब 20 से 25 मरीज सर्जन व हड्डी व आंख की ओपीडी में दिखाने आते हैं। इसमें अधिकतर ऑपरेशन की आस में आते हैं।
सीएचसी पर ओटी में कम जगह होने के कारण हाईड्रोसिल व छोटे ऑपरेशन किए जाते हैं। एनेस्थीसिया चिकित्सक महिला अस्पताल से अटैच है। संयुक्त चिकित्सालय भवन में स्थित ओटी शुरू होने के बाद नई मशीनें उसमें लगाई, जाएगी उसके बाद बड़े ऑपरेशन व सिजेरियन की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।-- डाॅ. राजेश सरोज, प्रभारी सीएचसी सोनबरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीएचसी परिसर में ओटी के नाम पर एक कमरे में कुछ सर्जिकल व उपकरण है। इससे बड़े ऑपरेशन नहीं हो सकते हैं। उपकरण के अभाव में नेत्र रोग चिकित्सक पिछले एक वर्ष में एक भी आंख का ऑपरेशन नहीं कर सके हैं। विभाग ने उनका वेतन रोक दिया है। बैरिया क्षेत्र के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए सोनबरसा में करीब 29.30 करोड़ की लागत में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय का निर्माण हो चुका है। कार्यदायी संस्थान की लापरवाही के कारण नये भवन में अब तक चिकित्सकीय सुविधा चालू नहीं हो पा रही है। अस्पताल के लिए पांच करोड़ से ऊपर की आधुनिक मशीन धूल फांक रही है। विभाग की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। हाइड्रोसिल व मरहम पट्टी को छोड़ दे तो अन्य गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए निजी अस्पताल, छपरा या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। वहां चिकित्सक मनमाना पैसा वसूलते हैं। नये अस्पताल में 70 बेड व पुराने तीस बेड कुल 100 बेड पर 20 चिकित्सक की तैनाती है। लेकिन, धरातल पर सिर्फ चार से पांच चिकित्सक डयूटी करते हैं, अन्य दूसरे अस्पतालों से अटैच है। एनेस्थीसिया महिला अस्पताल से अटैच है। महिला स्त्री चिकित्सक की तैनाती होने के बावजूद अब तक यहां सिजेरियन से डिलीवरी की सुविधा शुरू हो सकी। नये भवन में आधुनिक ओटी में नई मशीनें इंस्टाल होगी, उसके बाद मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। जिला अस्पताल में बैरिया क्षेत्र के प्रतिदिन करीब 20 से 25 मरीज सर्जन व हड्डी व आंख की ओपीडी में दिखाने आते हैं। इसमें अधिकतर ऑपरेशन की आस में आते हैं।
विज्ञापन
सीएचसी पर ओटी में कम जगह होने के कारण हाईड्रोसिल व छोटे ऑपरेशन किए जाते हैं। एनेस्थीसिया चिकित्सक महिला अस्पताल से अटैच है। संयुक्त चिकित्सालय भवन में स्थित ओटी शुरू होने के बाद नई मशीनें उसमें लगाई, जाएगी उसके बाद बड़े ऑपरेशन व सिजेरियन की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी।
विज्ञापन