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बैंक खुलने से ही पहले लग गए कतार में
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Thu, 10 Nov 2016 11:21 PM IST
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टीडी काॅलेज चौराहा स्थित एक्सिस बैंक की शाखा में झोले में पुराने नोट लेकर कतार में लगे बैंक उपभोक्ता।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद गुरुवार को बैंकों के बाहर सुबह नौ बजे ही लोगों की लंबी कतार लग गई। बैंक खुलने से पहले ही बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। महिलाओं की संख्या भी पुरुषों से कम नहीं थी। वहीं नगर में नोट बदलने वाले दूकानदारों के यहां भी लंबी कतार दिखी।
आलम यह रहा कि एक-एक नोट बदलने वाला हर रोज की अपेक्षा 10 से 15 हजार रुपये अधिक कमाई हुई। कहीं-कहीं बैंकों में पहले पैसा लेने के लिए नोंकझोंक भी देखी गई। वहीं दवा के दूकानों पर खुल्ले पैसे न होने के चलते कुछ संचालकों ने अपने दूकानों को बंद कर दिया। नोट बदलने को लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थिति काफी खराब रही। प्रधानमंत्री के निर्देश के मुताबिक बैंक खुलने के पहले नोट बदलने का अलग काउंटर बना दिया गया। लेकिन पुराने बड़े नोट लेकर 100-100 रुपये के खुले की व्यवस्था नहीं होने से बैंककर्मियों के साथ ही ग्राहकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कानून-व्यवस्था न बिगड़ सके इसके लिए आठ बजे से ही पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई थी। बावजूद कहीं-कहीं ग्राहक छोटे नोट पाने और पुराने बड़े नोट जमा करने को लेकर हाथापाई तक करते देखे गए।
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आलम यह रहा कि एक-एक नोट बदलने वाला हर रोज की अपेक्षा 10 से 15 हजार रुपये अधिक कमाई हुई। कहीं-कहीं बैंकों में पहले पैसा लेने के लिए नोंकझोंक भी देखी गई। वहीं दवा के दूकानों पर खुल्ले पैसे न होने के चलते कुछ संचालकों ने अपने दूकानों को बंद कर दिया। नोट बदलने को लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थिति काफी खराब रही। प्रधानमंत्री के निर्देश के मुताबिक बैंक खुलने के पहले नोट बदलने का अलग काउंटर बना दिया गया। लेकिन पुराने बड़े नोट लेकर 100-100 रुपये के खुले की व्यवस्था नहीं होने से बैंककर्मियों के साथ ही ग्राहकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कानून-व्यवस्था न बिगड़ सके इसके लिए आठ बजे से ही पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई थी। बावजूद कहीं-कहीं ग्राहक छोटे नोट पाने और पुराने बड़े नोट जमा करने को लेकर हाथापाई तक करते देखे गए।
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