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‘मोक्ष का पेड़’ पेंटिंग बनाकर बलिया की नेहा ने गिनीज बुक में दर्ज कराया नाम, बीएचयू प्रशासन ने दी बधाई  

Mon, 21 Dec 2020 12:31 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Mon, 21 Dec 2020 12:31 AM IST
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Neha of Ballia made name in Guinness Book by painting with mineral colors
नेहा को सम्मानित करते डीएम - फोटो : अमर उजाला।

बलिया जिले  रसड़ा के ग्राम डेहरी की बेटी नेहा सिंह ने खनिज रंगों से भगवद्गीता पर आधारित ‘मोक्ष का पेड़’ नामक पेंटिंग बनाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। 18 नवंबर 2020 को ये उपलब्धि हासिल करने वाली नेहा जिले की पहली शख्स है। दिसंबर में सर्टिफिकेट मिलने पर रविवार को नेहा के घर पहुंचे जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने उन्हें बधाई दी तथा सर्टिफिकेट का विमोचन किया।  

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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र में अध्ययन कर रही नेहा गिनीज बुक में रिकार्ड दर्ज कराने के लिए 2019 से तैयारी कर रही थी। लॉकडाउन में घर आने के बाद नेहा ने अप्रैल से घर पर खनिज रंगों से पेंटिंग बनानी शुरू की।
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इसका आकार  62.72 स्क्वॉयर मीटर है। पेंटिंग जुलाई में गिनीज के नियमों के अनुसार तैयार  हो गई । इसके बाद नेहा ने सारे  कागजात  ऑनलाइन जमा कर दिए थे। हालांकि कोविड-19 के चलते गिनीज से जवाब आने में चार महीने का समय लग गया था।
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पहले यह रिकॉर्ड विजयवाड़ा की श्रेया तातिनेनी के था नाम 
पहले यह रिकॉर्ड आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली श्रेया तातिनेनी के नाम था। जिन्होंने 29 सितंबर, 2019 को 54.67 स्कॉयर मीटर यानी 588.56 स्कॉयर फीट में खनिज रंगों से पेंटिंग बनाई थी। नेहा ने बताया कि श्रेया का रिकॉर्ड  तोड़ने के लिए उसने उसी समय आवेदन किया था। करीब आठ अलग-अलग पेंटिंग नकारने के बाद गिनीज रिकॉर्ड से अनुमति मिलने के बाद उसने भगवद्गीता पर आधारित पेंटिंग बनाई। 



 

Neha of Ballia made name in Guinness Book by painting with mineral colors
guinness book of world record

18 अध्यायों को 18 शाखाओं में दर्शाया
पेंटिंग में भगवद्गीता के 18 अध्यायों को पेड़ की 18 शाखाओं में दर्शाया गया है। वहीं  एक-एक शाखाओं में 1 से 18 पत्तों का चित्रण, सबसे ऊपर कमल एवं ॐ से मोक्ष प्राप्ति का चित्रण किया गया है।

बेचनी पड़ी पेंटिंग 
बीएसएफ में कार्यरत बूटन सिंह की बेटी नेहा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए अपनी पेंटिंग बेचनी पड़ी थी। उसने पिछले सात सालों में तैयार अपनी कई पेंटिंग को मुंबई के एक चित्रकला के व्यापारी को बेच दी। नेहा की बनाई पंचतत्व की पेंटिंग को प्रवासी भारतीय दिवस पर अमेरिका से आए एक अतिथि ने खरीदा था।
 
कई रिकॉर्ड है नेहा के नाम
जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि नेहा सिंह ने पहला रिकार्ड 10 अगस्त 2017 में  ‘16 लाख मोतियों से 10.11 फुट का भारत का नक्शा’ बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया में दर्ज बनाया है। दूसरा रिकार्ड 30 सितंबर 2018 में ‘449 फीट कपड़े पर 38417 डॉट कर उंगलियों के निशान से हनुमान चालीसा ’  लिख कर यूरेशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।  तीसरा रिकार्ड एक दिसंबर 2020 में दुनिया का पहला दशोपनिषद् एवं महावाक्य का डिजिटल प्रिंटेड एल्बम बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज बनाया है।

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