बलिया। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारी जोरों पर चल रही है। कमेटियों द्वारा पंडाल बनाकर उसमें मूर्ति स्थापित कर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। कोरोना काल में मूर्ति पूजा की अनुमति जिला प्रशासन की ओर से न देने पर भी रोक लगी थी। इस बार कोई रोक नहीं होने से कमेटियों ने झांकी बनाकर पूजन अर्चन करने का निर्णय लिया।
जन्माष्टमी जनपद में शुक्रवार को मनाई जाएगी। पूरे दिन लोगों ने भगवान कान्हा की झांकी सजाने के लिए राधे-कृष्ण की विभिन्न स्वरूपों की प्रतिमाओं की खरीदारी की। इसके अलावा, साज-सज्जा के सामान की भी खरीदारी की। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म प्रत्येक घरों में होगा। इसकी तैयारी नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जोरों पर चल रही है। नगर के पुलिस लाइन, शहर कोतवाली सहित जनपद के सभी थानों एवं चौकियों में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी की जारी है। इसके अलावा, जिला कारागार में मुरलीधर का जन्मोत्सव बंदीरक्षक और निरुद्ध कैदियों द्वारा धूमधाम से मनाया जाएगा। सुखपुरा थाना, बसंतपुर गांव में विभिन्न कमेटियों द्वारा पंडाल बनाकर कान्हा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा की जाती है। कान्हा के जन्म लेने के बाद महिलाएं पारंपरिक गीत सोहर गाती है। इसके बाद, आरती और प्रसाद का वितरण कर व्रती लोग पारण करते हैं।