बलिया। विधानसभा चुनाव में परदेस से आने वाले मतदाताओं पर नजर रखने के लिए ग्राम पंचायतों में गठित निगरानी समितियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में तैनाती पाने वाले पंचायत सहायकों को निगरानी समितियों में शामिल करते हुए उन्हें बाहर से आने वाले लोगों और कोरोना संक्रमितों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले की 940 ग्राम पंचायतों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए भले ही कोई संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इसे रोकने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में गठित निगरानी समितियों को सौंपी गई है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों का गठन पूर्व में किया गया था। जिन्हें एक बार फिर सक्रिय किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में हाल ही में पंचायत सहायक पद पर तैनाती पाने वाले कर्मचारियों को निगरानी समिति में शामिल किया गया है। समितियों का सचिव ग्राम विकास अधिकारी को और प्रधान को अध्यक्ष बनाया गया है। दूसरी तरफ, आलम यह है कि ग्राम पंचायतों के पास न तो थर्मल स्कैनर और न ही पल्स ऑक्सीमीटर। इसके बाद भी कोरोना संक्रमितों की पहचान करने और उन्हें सात दिन तक क्वारंटीन रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन की ओर से विधानसभा चुनाव में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पूर्व में गठित निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। पंचायत सहायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए गांव स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।