{"_id":"589dd16a4f1c1b8a5f3794ac","slug":"mausam-ke-utar-chadhav-se-kisan-pareshan","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम के उतार-चढ़ाव से किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम के उतार-चढ़ाव से किसान परेशान
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 10 Feb 2017 08:12 PM IST
विज्ञापन
मौसम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम के उतार-चढ़ाव से किसान परेशान हैं। पछुवा हवा के साथ ही लाही के प्रकोप से रबी की फसलें प्रभावित हो रही हैं। खासकर तिलहनी व दलहनी फसलों के सूखने का डर बना हुआ है। पिछले कई दिनों से बह रही पछुवा हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच मौसम में बदलाव के कारण लाही का प्रकोप भी हो गया है।
किसानों की मानें तो लाही का सबसे अधिक असर तिलहनी फसलें सरसाें व राई के अलावा दलहनी के मसूर, चना, मटर आदि पर होता है। माघ महीने में ही दलहनी, तिलहनी के अलावा गेहूं की फसलों में भी दाने लगते व पुष्ट होते हैं। ऐसे में लाही के प्रकोप से तिलहनी व दलहनों फसलों को नुकसान होने का भय रहता है।
किसानों के अनुसार लाही का प्रकोप होने के बाद दाने पुष्ट नहीं हो पाते हैं। दलहनी फसलों की बोआई के बाद सिंचाई नहीं की जाती है ऐसे में पिछले कई दिनों से बह रही पछुवा से खेतों में नमी कम होने से फसलों के सूखने की संभावना रहती है। सूखा व बाढ़ के बाद लाही व पछुवा के चलते किसानों की चिंता बढ़ गयी है। हालांकि लाही से फसलों के बचाव को किसानों की ओर से फसलों पर छिड़काव किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों की मानें तो लाही का सबसे अधिक असर तिलहनी फसलें सरसाें व राई के अलावा दलहनी के मसूर, चना, मटर आदि पर होता है। माघ महीने में ही दलहनी, तिलहनी के अलावा गेहूं की फसलों में भी दाने लगते व पुष्ट होते हैं। ऐसे में लाही के प्रकोप से तिलहनी व दलहनों फसलों को नुकसान होने का भय रहता है।
विज्ञापन
किसानों के अनुसार लाही का प्रकोप होने के बाद दाने पुष्ट नहीं हो पाते हैं। दलहनी फसलों की बोआई के बाद सिंचाई नहीं की जाती है ऐसे में पिछले कई दिनों से बह रही पछुवा से खेतों में नमी कम होने से फसलों के सूखने की संभावना रहती है। सूखा व बाढ़ के बाद लाही व पछुवा के चलते किसानों की चिंता बढ़ गयी है। हालांकि लाही से फसलों के बचाव को किसानों की ओर से फसलों पर छिड़काव किया जाता है।
विज्ञापन