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सरकारी बैंकों के 100 से अधिक शाखाओं में रही तालाबंदी
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नगर के ओक्डेनगंज स्थित बैंक आफ इंडिया के बाहर नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : BALLIA
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बलिया। सरकारी बैंकों का निजीकरण करने के विरोध में जिले भर के सरकारी बैंक बंद रहे। निजीकरण के विरोध में देशभर में दो दिन की हड़ताल की जा रही है। करीब 12 बैंकों की 100 से अधिक शहरी और ग्रामीण एरिया की बैंक शाखाएं बंद रही। सभी बैंकों के कर्मचारी मिड्ढी स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने पहुंचे। वहां निजीकरण के विरोध में धरना दिया और प्रदर्शन किया। शुक्रवार को भी सभी बैंक बंद रखे जाएंगे। पहले दिन करीब 50 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ है। बैंक बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी।
उपभोक्ता अब शनिवार को ही बैंकों में अपना काम करवा सकते हैं। बैंक कर्मचारी नेता केएन उपाध्याय, ध्रुव जी, बजेश दूबे, अनिल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। लोगों को ज्यादातर सरकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है। ऐसे में सरकारी बैंकों का निजीकरण होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। अगर केंद्र सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन को तेज किया जा सकता है। हड़ताल को सफल बनाने में प्रकाश दूबे, अशोक यादव, अभय सिंह, मीना यादव, मैनेजर सिंह, संदीप सिंह, अरशद, अजय कुमार गुप्ता, लल्लन प्रसाद, हिम्मत सिंह आदि शामिल रहे।
प्राइवेट बैंकों के खुले रहे ताले
एक तरफ सरकार बैंकों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में ताला बंदी कर हड़ताल पर थे तो दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों के ताले खुले रहे और सामान्य दिनों की भांति कामकाज भी होता रहा। हालांकि बाद में सरकारी बैंक के कर्मचारियों ने गुजारिश कर कुछ देर तक कामकाज बंद जरुर कराया, लेकिन दिन में दो बजें के बाज स्थिती पूर्वत हो गई।
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बैंक कर्मियों के समर्थन में एलआईसी कर्मियों ने की नारेबाजी
रसड़ा। भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा कार्यालय गेट पर एलआईसी कर्मचारी यूनियन के सदस्य बैंक के राष्ट्र व्यापी दो दिवसीय हड़ताल के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। वहीं गेट पर ही बैठक कर कर्मचारी नेताओं ने सरकार से बैंकों के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग की। बीडीआईईए के इकाई मंत्री अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार के द्वारा बार बार निजीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो कर्मचारी आगे भी अपना समर्थन बैंकों को देते रहेंगे। अध्यक्ष स्वयंबर राम ने कहा कि सरकार बैंकों को मर्ज कर या निजीकरण कर युवाओं को रोजगार देने की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहती है। इस अवसर पर बजरंगी राम, अंकित सिंह, कृष्णा रावत, कुमारी प्रियांशी बरनवाल, देवेंद्र सिंह, मुरलीधर, कमलेश, प्रेमचन्द गौतम, राजा देवव्रत सिंह, गुलशन डिसूजा, ऐश्वर्य मिश्रा, पंकज यादव, बृजमोहन आदि उपस्थित रहे।
बंद एटीएम बढ़ा रहे परेशानी
बैरिया। क्षेत्र में लगे डेढ़ दर्जन से अधिक एटीएम लगने के बावजूद अभी भी लोगों को पैसा निकालने के लिए बैंक जाना पड़ रहा है। कुछ जगह तकनीकी खराबी के कारण एटीएम बन्द है तो कुछ जगह एटीएम में पैसों का अभाव है। लिंक फेल होने के कारण एटीएम का लेनदेन बाधित हो जाना आम बात हो गई है। बैरिया त्रिमुहानी, बीबी टोला, कोटवां मोड़ व सुरेमनपुर के एटीएम कुछ दिनों से बंद पड़ हुए है। यह क्यों बन्द है यह कोई बताने वाला नहीं है। ऊपर से बैंक कर्मिंयों की दो दिवसीय हड़ताल समस्या को और बढ़ा रही है।
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उपभोक्ता अब शनिवार को ही बैंकों में अपना काम करवा सकते हैं। बैंक कर्मचारी नेता केएन उपाध्याय, ध्रुव जी, बजेश दूबे, अनिल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार सरकारी बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। लोगों को ज्यादातर सरकारी योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से दिया जा रहा है। ऐसे में सरकारी बैंकों का निजीकरण होने से लोगों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। अगर केंद्र सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन को तेज किया जा सकता है। हड़ताल को सफल बनाने में प्रकाश दूबे, अशोक यादव, अभय सिंह, मीना यादव, मैनेजर सिंह, संदीप सिंह, अरशद, अजय कुमार गुप्ता, लल्लन प्रसाद, हिम्मत सिंह आदि शामिल रहे।
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प्राइवेट बैंकों के खुले रहे ताले
एक तरफ सरकार बैंकों के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में ताला बंदी कर हड़ताल पर थे तो दूसरी तरफ प्राइवेट बैंकों के ताले खुले रहे और सामान्य दिनों की भांति कामकाज भी होता रहा। हालांकि बाद में सरकारी बैंक के कर्मचारियों ने गुजारिश कर कुछ देर तक कामकाज बंद जरुर कराया, लेकिन दिन में दो बजें के बाज स्थिती पूर्वत हो गई।
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बैंक कर्मियों के समर्थन में एलआईसी कर्मियों ने की नारेबाजी
रसड़ा। भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा कार्यालय गेट पर एलआईसी कर्मचारी यूनियन के सदस्य बैंक के राष्ट्र व्यापी दो दिवसीय हड़ताल के समर्थन में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया गया। वहीं गेट पर ही बैठक कर कर्मचारी नेताओं ने सरकार से बैंकों के निजीकरण के निर्णय को वापस लेने की मांग की। बीडीआईईए के इकाई मंत्री अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार के द्वारा बार बार निजीकरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो कर्मचारी आगे भी अपना समर्थन बैंकों को देते रहेंगे। अध्यक्ष स्वयंबर राम ने कहा कि सरकार बैंकों को मर्ज कर या निजीकरण कर युवाओं को रोजगार देने की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहती है। इस अवसर पर बजरंगी राम, अंकित सिंह, कृष्णा रावत, कुमारी प्रियांशी बरनवाल, देवेंद्र सिंह, मुरलीधर, कमलेश, प्रेमचन्द गौतम, राजा देवव्रत सिंह, गुलशन डिसूजा, ऐश्वर्य मिश्रा, पंकज यादव, बृजमोहन आदि उपस्थित रहे।
बंद एटीएम बढ़ा रहे परेशानी
बैरिया। क्षेत्र में लगे डेढ़ दर्जन से अधिक एटीएम लगने के बावजूद अभी भी लोगों को पैसा निकालने के लिए बैंक जाना पड़ रहा है। कुछ जगह तकनीकी खराबी के कारण एटीएम बन्द है तो कुछ जगह एटीएम में पैसों का अभाव है। लिंक फेल होने के कारण एटीएम का लेनदेन बाधित हो जाना आम बात हो गई है। बैरिया त्रिमुहानी, बीबी टोला, कोटवां मोड़ व सुरेमनपुर के एटीएम कुछ दिनों से बंद पड़ हुए है। यह क्यों बन्द है यह कोई बताने वाला नहीं है। ऊपर से बैंक कर्मिंयों की दो दिवसीय हड़ताल समस्या को और बढ़ा रही है।
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नगर के मिड्ढी मोहल्ला स्थित भारतीय स्टेट बैंक के सामने नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।- फोटो : BALLIA