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Ballia News: हत्या के मामले में आजीवन कारावास
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बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश (विद्युत एक्ट) महेश चंद्र वर्मा की अदालत ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त कमलेश कुंवर को दोषी पाया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और 81 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न देने पर दोषी को डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा बिहारी गुप्ता पुत्र डिग्री गुप्ता निवासी ताहिरपुर थाना सहतवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन नवंबर 2006 को उसके गांव के हीरा कुंवर पुत्र विश्वनाथ कुंवर, कमलेश कुंवर पुत्र हीरा कुंवर और पारस कुंवर पुत्र परमेश्वर कुंवर निवासी गढ़ ताहिरपुर (हाता) थाना सहतवार का सुरेंद्र कुंवर से जमीन का विवाद था। इसमें दोनों पक्ष के बीच आपस में मुकदमा चल रहा था। 3 नवंबर 2006 को उपरोक्त तीनों लोग सुरेंद्र कुमार की दीवार को गिराने के लिए आ गए। सुरेंद्र कुमार और उसके लड़के जिम्मी ने विरोध किया तो उन लोगों ने इन दोनों को लाठी डंडे से मारना शुरू कर दिया। आसपास के लोग बीच बचाव करने लगे तो कमलेश कुंवर ने असलहे से फायर कर दिया। इस विवाद को छत से देख रही उनकी बेटी रेनू के सिर में गोली जा लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले में सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई। प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को देखने और अभियोजन की तरफ से अशोक कुमार ओझा सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामजी राय की बहस सुनने के बाद अभियुक्त कमलेश कुंवर के खिलाफ अदालत ने दोष साबित पाया। न्यायालय ने अभियुक्त कमलेश कुंवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 81000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने जुर्माने की रकम में से 50000 प्रतिकर के रूप में पीड़िता के पिता को देने का आदेश दिया है।
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वादी मुकदमा बिहारी गुप्ता पुत्र डिग्री गुप्ता निवासी ताहिरपुर थाना सहतवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन नवंबर 2006 को उसके गांव के हीरा कुंवर पुत्र विश्वनाथ कुंवर, कमलेश कुंवर पुत्र हीरा कुंवर और पारस कुंवर पुत्र परमेश्वर कुंवर निवासी गढ़ ताहिरपुर (हाता) थाना सहतवार का सुरेंद्र कुंवर से जमीन का विवाद था। इसमें दोनों पक्ष के बीच आपस में मुकदमा चल रहा था। 3 नवंबर 2006 को उपरोक्त तीनों लोग सुरेंद्र कुमार की दीवार को गिराने के लिए आ गए। सुरेंद्र कुमार और उसके लड़के जिम्मी ने विरोध किया तो उन लोगों ने इन दोनों को लाठी डंडे से मारना शुरू कर दिया। आसपास के लोग बीच बचाव करने लगे तो कमलेश कुंवर ने असलहे से फायर कर दिया। इस विवाद को छत से देख रही उनकी बेटी रेनू के सिर में गोली जा लगी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले में सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई। प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को देखने और अभियोजन की तरफ से अशोक कुमार ओझा सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामजी राय की बहस सुनने के बाद अभियुक्त कमलेश कुंवर के खिलाफ अदालत ने दोष साबित पाया। न्यायालय ने अभियुक्त कमलेश कुंवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 81000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने जुर्माने की रकम में से 50000 प्रतिकर के रूप में पीड़िता के पिता को देने का आदेश दिया है।
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