फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Krantiviron on earth interesting electoral battle

क्रांतिवीरों की धरती पर चुनावी संग्राम रोचक

Thu, 23 Feb 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया Updated Thu, 23 Feb 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
Krantiviron on earth interesting electoral battle
election
स्वतंत्रता आंदोलन में जिले के खास विद्रोही तेवरों के कारण इसे ‘बागी बलिया’ के नाम से जाना जाता है। देश को आजाद कराने में क्रांति की चिंगारी इस धरती से ही उठी थी। शहीद मंगल पांडेय से लेकर राजनीति के पुरोधाओं में शामिल जयप्रकाश नारायण, चंद्रशेखर, जनेश्वर मिश्र जैसी हस्तियां बलिया की धरती से ही जुड़ी रही हैं। कभी यहां कांग्रेस का दबदबा रहा तो कभी समाजवादी विचारधारा के नेताओं का वर्चस्व रहा। 2012 में जनपद की सात विधानसभा सीटों में से पांच सीटों पर सपा के विधायक काबिज हुए।
विज्ञापन


इसमें से तीन नारद राय, जियाउद्दीन रिजवी तथा रामगोविंद चौधरी प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। इसके अलावा चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर यूपी से सपा से राज्यसभा सांसद और अंबिका चौधरी सपा (अब बसपा) से एमएलसी चुने गए थे। इन तमाम दिग्गजों के बावजूद 2014 के लोकसभा चुनाव में बलिया लोकसभा सीट से भरत सिंह और सलेमपुर से रविंद्र कुशवाहा ने जीत हासिल कर भगवा लहराया था। अब 2017 में 17वीं विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा के अलावा बसपा के कद्दावर नेता जीत का दम भर रहे हैं। जनपद की सात विधानसभा सीटों पर मुद्दे चाहे जो हो, नतीजे को हमेशा जातिगत समीकरण और वोटों का बंटवारा ही तय करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed