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Ballia News: कटहलनाला बनेगा जूही चौपाटी
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कटहल नाला के सुंदरीकरण के लिए भूमि पूजन करते परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह साथ में अन्य।संवाद
बलिया। कटहलनाला सुंदरीकरण परियोजना पर अब काम शुरू हो गया है। शहर के पश्चिमी छोर पर बहने वाले ऐतिहासिक कटहलनाला के विकास एवं सुंदरीकरण कार्य का परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 18.07 करोड़ की धनराशि खर्च होगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि कटहलनाला ऐतिहासिक महत्व का नाला है, जिसका निर्माण प्राचीन काल में राजाओं ने कराया था। यह नाला एशिया के प्रसिद्ध सुरहा ताल से जुड़ा हुआ है। सुरहा ताल लगभग 36 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। इतिहास में इसका विशेष महत्व रहा है, जहां स्नान करने से कुपोषण जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलने की मान्यता रही है। उन्होंने बताया कि सुरहा ताल कटहल नाला के माध्यम से गंगा नदी से जुड़ता है। यह दोनों दिशाओं में बहने वाला एकमात्र नाला है। लगभग 5 किलोमीटर लंबा यह नाला शहर के बीचों-बीच से होकर गुजरता है। अब कटहल नाला को जूही चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। बताया कि नाला के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये तथा सिंचाई विभाग द्वारा सफाई कार्य के लिए 2 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत परमंदापुर से रामपुर महावल बैराज तक लगभग 2 किलोमीटर लंबाई में नाले का विकास एवं सुंदरीकरण किया जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व मंत्री नारद राय आदि मौजूद थे।
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कराए जाएंगे ये कार्य
परियोजना के अंतर्गत नाले के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग, जियो-सेल मेम्बरिंग सिस्टम, सरफेस पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं हार्टिकल्चर, बैरियर, फसाद निर्माण, सोलर लाइटिंग तथा मायावकी फॉरेस्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों को कार्यदायी संस्था यूपी जल निगम (नगरीय) की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस), आजमगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव से निजात मिलेगी और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप प्राप्त होगा।
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परिवहन मंत्री ने कहा कि कटहलनाला ऐतिहासिक महत्व का नाला है, जिसका निर्माण प्राचीन काल में राजाओं ने कराया था। यह नाला एशिया के प्रसिद्ध सुरहा ताल से जुड़ा हुआ है। सुरहा ताल लगभग 36 किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और 34 हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। इतिहास में इसका विशेष महत्व रहा है, जहां स्नान करने से कुपोषण जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलने की मान्यता रही है। उन्होंने बताया कि सुरहा ताल कटहल नाला के माध्यम से गंगा नदी से जुड़ता है। यह दोनों दिशाओं में बहने वाला एकमात्र नाला है। लगभग 5 किलोमीटर लंबा यह नाला शहर के बीचों-बीच से होकर गुजरता है। अब कटहल नाला को जूही चौपाटी के रूप में विकसित किया जाएगा। बताया कि नाला के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये तथा सिंचाई विभाग द्वारा सफाई कार्य के लिए 2 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत परमंदापुर से रामपुर महावल बैराज तक लगभग 2 किलोमीटर लंबाई में नाले का विकास एवं सुंदरीकरण किया जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, पूर्व मंत्री नारद राय आदि मौजूद थे।
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कराए जाएंगे ये कार्य
परियोजना के अंतर्गत नाले के दोनों किनारों पर बोल्डर पिचिंग, जियो-सेल मेम्बरिंग सिस्टम, सरफेस पार्किंग, लैंडस्केपिंग एवं हार्टिकल्चर, बैरियर, फसाद निर्माण, सोलर लाइटिंग तथा मायावकी फॉरेस्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों को कार्यदायी संस्था यूपी जल निगम (नगरीय) की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस), आजमगढ़ के माध्यम से कराया जाएगा। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव से निजात मिलेगी और शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप प्राप्त होगा।
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