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जारी रहा डिप्लोमा इंजीनियरों का धरना
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 19 Oct 2016 06:38 PM IST
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Protest Shimla
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ग्रेड-पे सहित अन्य मांगों को लेकर डिप्लोमा इंजीनियरों का लोक निर्माण में चल रहा धरना 23वें दिन भी जारी रहा। इंजीनियरों ने अपनी मांग को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जूनियर इंजीनियर का प्रारंभिक ग्रेड-वेतन 4800 रुपये करने, 30 लीटर पेट्रोल के मूल्य के समतूल्य वाहन भत्ता प्रदान करने तथा सात, चौदह व बीस वर्ष के उपर प्रोन्नत वेतनमान देने एवं पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने की मांग की।
धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष मनोज मोहन शर्मा ने कहा कि जिले के सभी विकास कार्य ठप करके समस्त डिप्लोमा इंजीनियर प्रांतीय खंड लोकनिर्माण बलिया के परिसर में हड़ताल के 23वें दिन बैठे हुए हैं। लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कवायद नहीं शुरू की गई। इंजीनियर पीपी राय ने कहा कि हमारी शत-प्रतिशत मांगें न्यायोचित हैं।
जिसे सरकार को हर हाल में पूरा करना होगा। कहा कि अगर मांगें पूर्ण नहीं की गई तो अब आरपार की लड़ाई छेड़ेंगे। इंजीनियर राम अक्षयवर पांडेय ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता तथा उदासीनता के चलते हम कर्मचारी पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। अब प्रदेश सरकार को बर्बाद करने की बारी आ गई है। इस मौके पर शशिकांत यादव, राहुल सिंह, सत्यवान सिंह सुमन, गणेश यादव, रिजवान अंसारी, वीरेंद्र कुशवाहा, तेज बहादुर पासवान, दुर्गेश सिंह यादव, संचालन सतीश चौहान ने किया।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए संगठन के अध्यक्ष मनोज मोहन शर्मा ने कहा कि जिले के सभी विकास कार्य ठप करके समस्त डिप्लोमा इंजीनियर प्रांतीय खंड लोकनिर्माण बलिया के परिसर में हड़ताल के 23वें दिन बैठे हुए हैं। लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कवायद नहीं शुरू की गई। इंजीनियर पीपी राय ने कहा कि हमारी शत-प्रतिशत मांगें न्यायोचित हैं।
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जिसे सरकार को हर हाल में पूरा करना होगा। कहा कि अगर मांगें पूर्ण नहीं की गई तो अब आरपार की लड़ाई छेड़ेंगे। इंजीनियर राम अक्षयवर पांडेय ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता तथा उदासीनता के चलते हम कर्मचारी पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। अब प्रदेश सरकार को बर्बाद करने की बारी आ गई है। इस मौके पर शशिकांत यादव, राहुल सिंह, सत्यवान सिंह सुमन, गणेश यादव, रिजवान अंसारी, वीरेंद्र कुशवाहा, तेज बहादुर पासवान, दुर्गेश सिंह यादव, संचालन सतीश चौहान ने किया।
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