जनपद में सुबह और रात की ठंड लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। शहर से लेकर गांवों में संक्रमण व मच्छर जनित बीमारियों ने पांव पसार दिए है। मोहल्ले व गांवों में जल निकासी नहीं होेने से मच्छरजनित बीमारियों डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और सर्दी, जुकाम, खांसी सहित अन्य संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिले में अब तक डेंगू के करीब 250 मरीज से ऊपर मिल चुके हैं। जिले के 81 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन हुआ। मेला में एलोपैथ, होम्योपैथ व आयुर्वेद के डाॅक्टरों ने मरीजों की जांच कर दवाओं का वितरण किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजयपति द्विवेदी ने बताया कि मेला में 4192 मरीजों का इलाज हुआ, 20 गंभीर मरीज जिला अस्पताल को रेफर हुए। इसमें 185 मरीज गोल्डेन कार्ड वाले रहे। नरहीं क्षेत्र के पीएचसी व न्यू पीएचसी पर जन आरोग्य मेले में चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर इलाज किया। ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार व सीएचसी प्रभारी डॉ. साकेत बिहारी शर्मा ने बताया कि कोटवा नारायणपुर 40, नसीरपुरकलां 25, कथरिया 27, चितबड़ागांव 26, सोहांव 57 मरीजों का जांच कर दवा वितरण किया गया। कोटवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट रजनीश कुमार उपाध्याय ने 22 रोगियों का इलाज किया।