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बीमा कर्मियों ने की हड़ताल, कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
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शहर के जीवन बीमा निगम कार्यालय पर निजीकरण के विरोध में धरना- प्रदर्शन करते बीमा कर्मचारी।
- फोटो : BALLIA
बलिया। बजट में सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम के विनिवेश का फैसला किया है। इसके विरोध में मंगलवार को बीमा कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण एलआईसी कार्यालय बंद रहा। इस दौरान बीमाकर्मियों ने कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
एलआईसी कर्मियों ने कहा कि सरकार अब इस संस्था के निजीकरण का रास्ता खोल रही है। सरकार ने आयकर में अब तक मिल रही बीमा प्रीमियम की छूट को भी हटाने का फैसला किया है। इस फैसले से एक तरफ बीमा क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ देश में होने वाली घरेलू बचत भी हतोत्साहित होगी। हड़ताल में बीमा कर्मचारियों के लगभग सभी संगठन शामिल रहे। हड़ताल को अभिकर्ता संगठन ने भी अपना समर्थन दिया।
विकास अधिकारी संगठन के नेता सीबी राय ने कहा कि जिस भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने 65 वर्ष के इतिहास में सरकार को हमेशा मदद की है, जिसने जनता के हितों का हमेशा ख्याल रखा है, उसके निजीकरण का प्रयास पूर्णतया अनुचित है। कर्मचारी संगठन के नेता दिनेश सिंह ने कहा कि निगम ने अपनी पूंजी का अधिकतर हिस्सा सरकार की विभिन्न योजनाओं में निवेशित किया है। ऐसे में एलआईसी के निजीकरण का प्रयास समझ से परे है। बीमा कर्मियों ने सरकार से इस कदम को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर आशीष सिंह, बलराम गौड़, अजय, मनीष उपाध्याय, हीराराम गुप्ता, प्रशांत पांडेय, रामजी तिवारी, पवन केशरी, अनामिका उपाध्याय, ज्ञांति देवी, सुजाता श्रीवास्तव, कुबेर उपाध्याय, शिवप्रसाद शुक्ला, इंद्रदेव सिंह, पवन तिवारी, अजय श्रीवास्तव आदि रहे।
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एलआईसी कर्मियों ने कहा कि सरकार अब इस संस्था के निजीकरण का रास्ता खोल रही है। सरकार ने आयकर में अब तक मिल रही बीमा प्रीमियम की छूट को भी हटाने का फैसला किया है। इस फैसले से एक तरफ बीमा क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, वहीं दूसरी तरफ देश में होने वाली घरेलू बचत भी हतोत्साहित होगी। हड़ताल में बीमा कर्मचारियों के लगभग सभी संगठन शामिल रहे। हड़ताल को अभिकर्ता संगठन ने भी अपना समर्थन दिया।
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विकास अधिकारी संगठन के नेता सीबी राय ने कहा कि जिस भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने 65 वर्ष के इतिहास में सरकार को हमेशा मदद की है, जिसने जनता के हितों का हमेशा ख्याल रखा है, उसके निजीकरण का प्रयास पूर्णतया अनुचित है। कर्मचारी संगठन के नेता दिनेश सिंह ने कहा कि निगम ने अपनी पूंजी का अधिकतर हिस्सा सरकार की विभिन्न योजनाओं में निवेशित किया है। ऐसे में एलआईसी के निजीकरण का प्रयास समझ से परे है। बीमा कर्मियों ने सरकार से इस कदम को वापस लेने की मांग की। इस मौके पर आशीष सिंह, बलराम गौड़, अजय, मनीष उपाध्याय, हीराराम गुप्ता, प्रशांत पांडेय, रामजी तिवारी, पवन केशरी, अनामिका उपाध्याय, ज्ञांति देवी, सुजाता श्रीवास्तव, कुबेर उपाध्याय, शिवप्रसाद शुक्ला, इंद्रदेव सिंह, पवन तिवारी, अजय श्रीवास्तव आदि रहे।
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