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बढ़ रही ठंड, नगर में रैन बसेरों का पता नहीं
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बलिया। नवंबर का तीसरा सप्ताह बीतने वाला है। अब सुबह और शाम के साथ ही रात में भी ठंड बढ़ गई है। हर साल नगर पालिका शहरी क्षेत्र में तीन अस्थाई रैन बसेरा बनवाए जाते रहे हैं, लेकिन इस साल अब तक इसके लिए तैयारी नहीं की गई है। यदि इसी प्रकार ठंड बढ़ती रही तो बाहर से आने वाले लोगों को ठंड में आसमान के नीचे या दुकानों के बाहर फुटपाथ पर रात गुजारनी पड़ सकती है।
नगर पालिका की ओर से रोडवेज परिसर व चित्तू पांडेय और रेलवे स्टेशन परिसर रैन बसेरा हर साल बनवाया जाता है। रोडवेज परिसर व रेलवे स्टेशन परिसर में रैन बसेरा महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग बनाया जाता है। जबकि चित्तू पांडेय चौराहा पर 25 से अधिक लोगों के एक साथ रुकने का इंतजाम किया जाता है। लेकिन यह अब तक तैयार नहीं हो सका है। जबकि कोतवाली के पास स्थित एक स्थाई रैन बसेरा में केयरटेकर द्वारा रहने वाले लोगों से सुविधा शुल्क लिया जाता है। इस वजह से कामगार, रिक्शा चाल और मुसाफिर वहां जाने से बचते हैं।
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नगर पालिका की ओर से रोडवेज परिसर व चित्तू पांडेय और रेलवे स्टेशन परिसर रैन बसेरा हर साल बनवाया जाता है। रोडवेज परिसर व रेलवे स्टेशन परिसर में रैन बसेरा महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग बनाया जाता है। जबकि चित्तू पांडेय चौराहा पर 25 से अधिक लोगों के एक साथ रुकने का इंतजाम किया जाता है। लेकिन यह अब तक तैयार नहीं हो सका है। जबकि कोतवाली के पास स्थित एक स्थाई रैन बसेरा में केयरटेकर द्वारा रहने वाले लोगों से सुविधा शुल्क लिया जाता है। इस वजह से कामगार, रिक्शा चाल और मुसाफिर वहां जाने से बचते हैं।
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