{"_id":"6ab590d5f8bddf26090b85fc","slug":"hospital-power-was-restored-after-21-hours-only-to-fail-again-an-hour-later-due-to-a-short-circuit-ballia-news-c-190-1-ana1001-173603-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: 21 घंटे बाद अस्पताल की बिजली बहाल हुई, एक घंटे बाद फिर शॉर्ट सर्किट से गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: 21 घंटे बाद अस्पताल की बिजली बहाल हुई, एक घंटे बाद फिर शॉर्ट सर्किट से गुल
विज्ञापन
जिला अस्पताल के नए भवन स्थित सीसी स्कैन कराने के लिए लगी मरीजों और तीमारदारों की भीड़। संवाद
बलिया। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति करीब 21 घंटे बाद बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे के बाद बहाल हुई, लेकिन दो बजे के बाद ट्राॅमा सेंटर के बाहर शाॅर्ट सर्किट ने फिर व्यवस्था बिगाड़ दी। एक फेस का तार टूट गया। करीब एक घंटे तक बिजली बाधित रही।
लाइनमैन ने सीएमओ कार्यालय और कर्मचारियों के आवासों की लाइन काटकर अस्पताल की आपूर्ति बहाल की। इस दौरान इमरजेंसी की बिजली जनरेटर से चलती रही। पावर स्टेशन में तकनीकी फाॅल्ट के चलते बुधवार को अस्पताल उपकेंद्र की आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल को शहर की लाइन से जोड़ा गया था। पर्याप्त लोड नहीं मिलने से हाई-पावर सीटी स्कैन मशीन नहीं चल सकी।
बुधवार को करीब 68 मरीजों की जांच नहीं हो पाई। इसलिए बृहस्पतिवार को जांच कराने पहुंचे मरीजों की भीड़ लग गई। सुबह नौ बजे पहुंचे मरीजों को दोपहर बाद तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच फॉल्ट से इंतजार और बढ़ गया। कई मरीजों को चार से पांच घंटे बाद जांच का नंबर मिला, जबकि करीब 32 मरीज बिना जांच कराए दूसरे दिन आने की बात कहकर लौट गए।
विज्ञापन
दूर-दराज से आए मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।
किसी को दोबारा अस्पताल आना पड़ा तो किसी को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बिजली फाॅल्ट और ओवरलोड की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पिछले एक साल में बिजली निगम को करीब पांच बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है।
छोटे ट्रांसफाॅर्मर ने बढ़ाई सीटी स्कैन की मुश्किल: सीटी स्कैन मशीन को अधिक विद्युत क्षमता की जरूरत होती है। इसी वजह से इसे जनरेटर से नहीं चलाया जा सकता।
मशीन को फिलहाल 100 केवी के ट्रांसफाॅर्मर से कनेक्शन दिया गया है। शहर की लाइन से अस्पताल को जोड़ने के बाद भी पर्याप्त लोड नहीं मिलने के कारण मशीन शुरू नहीं हो सकी। सीटी स्कैन प्रभारी 400 केवी ट्रांसफाॅर्मर से कनेक्शन देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
लाइनमैन ने सीएमओ कार्यालय और कर्मचारियों के आवासों की लाइन काटकर अस्पताल की आपूर्ति बहाल की। इस दौरान इमरजेंसी की बिजली जनरेटर से चलती रही। पावर स्टेशन में तकनीकी फाॅल्ट के चलते बुधवार को अस्पताल उपकेंद्र की आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल को शहर की लाइन से जोड़ा गया था। पर्याप्त लोड नहीं मिलने से हाई-पावर सीटी स्कैन मशीन नहीं चल सकी।
विज्ञापन
बुधवार को करीब 68 मरीजों की जांच नहीं हो पाई। इसलिए बृहस्पतिवार को जांच कराने पहुंचे मरीजों की भीड़ लग गई। सुबह नौ बजे पहुंचे मरीजों को दोपहर बाद तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच फॉल्ट से इंतजार और बढ़ गया। कई मरीजों को चार से पांच घंटे बाद जांच का नंबर मिला, जबकि करीब 32 मरीज बिना जांच कराए दूसरे दिन आने की बात कहकर लौट गए।
विज्ञापन
दूर-दराज से आए मरीजों की परेशानी और बढ़ गई।
किसी को दोबारा अस्पताल आना पड़ा तो किसी को घंटों लाइन में इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार बिजली फाॅल्ट और ओवरलोड की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पिछले एक साल में बिजली निगम को करीब पांच बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है।
छोटे ट्रांसफाॅर्मर ने बढ़ाई सीटी स्कैन की मुश्किल: सीटी स्कैन मशीन को अधिक विद्युत क्षमता की जरूरत होती है। इसी वजह से इसे जनरेटर से नहीं चलाया जा सकता।
मशीन को फिलहाल 100 केवी के ट्रांसफाॅर्मर से कनेक्शन दिया गया है। शहर की लाइन से अस्पताल को जोड़ने के बाद भी पर्याप्त लोड नहीं मिलने के कारण मशीन शुरू नहीं हो सकी। सीटी स्कैन प्रभारी 400 केवी ट्रांसफाॅर्मर से कनेक्शन देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक यह व्यवस्था नहीं हो पाई है।