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ईओ मणि मंजरी राय आत्महत्या में अब कोर्ट में 14 अक्टूबर को होगी सुनवाई

Thu, 08 Oct 2020 10:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 10:27 PM IST
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Hearing on anticipatory bail will now be held on 14
मनियर। ईओ मणि मंजरी राय आत्महत्या मामले में हाईकोर्ट ने आठ अक्तूबर को सुनवाई करते हुए मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश कुमार व सिकंदरपुर के ईओ संजय राव की अग्रिम जमानत के लिए सुनवाई 14 अक्तूबर की तिथि तय की है। जबकि टैक्स लिपिक विनोद सिंह को हाईकोर्ट ने तीन सितंबर की सुनवाई में ही गिरफ्तारी पर रोक लगाने का स्टे दे दिया है। वहीं आरोपी चालक चन्दन कुमार को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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ज्ञात हो कि छह जुलाई 2020 को नगर पंचायत मनियर की ईओ रहीं मणि मंजरी राय ने आवास विकास कॉलोनी स्थित अपने आवास में सुसाइड लिखने के साथ्ज्ञ ही पंखे के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनके भाई विजयानंद राय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, ईओ सिकंदरपुर संजय राव, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश व चालक चन्दन कुमार को आरोपी बनाया था। जिसमें ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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वहीं टैक्स लिपिक विनोद सिंह की गिरफ्तारी पर हाल्ईकोर्ट ने तीन सितंबर को े स्टे दे दिया। उधर, चेयरमैन भीम गुप्ता व कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश के मामले में आठ सितंबर को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 11 सितंबर तय की। इसके बाद 21 सितंबर को सुनवाई करते हुए अब हाईकोर्ट ने 28 सितंबर को सुनवाई का तारीख निर्धारित की। फिरआठअक्तूबर बर को सुनवाई करते हुए अब 14 अक्तूबर को अग्रिम सुनवाई की तारीख निश्चित की है।
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उधर, कोतवाली थाना की पुलिस व एसओजी टीम लगातार फरारे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। वही ईओ के भाई विजयानंद जनपदीय पुलिस पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए लगातार सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

ईओ के भाई ने कहा कि 82 की कार्रवाई होने के 30 दिन के अंदर कुर्की की कार्रवाई होने का प्राविधान है। इसके अलावा हत्या व आत्महत्या आदि के मामले में विवेचना अधिकतम 90 दिन के अंदर कोर्ट में विवेचक द्वारा प्रस्तुत करने का प्राविधान है। लेकिन जनपदीय पुलिस 30 दिन और 90 दिन बीत जाने के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुई है। जिसके कारण इनसे विश्वास समाप्त हो जा रहा है।
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