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समाजवादियों के लिए मिसाल थे गौरी भैया
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 30 May 2016 12:08 AM IST
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18 वीं पुण्यतिथि पर याद किए गए पूर्व विधायक
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सादगी के प्रतिमूर्ति और प्रखर समाजवादी नेता और पूर्व विधायक गौरीशंकर उर्फ गौरी भैया की 18वीं पुण्यतिथि शनिवार की शाम कन्या विद्यालय के प्रांगण में मनाई गई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद नीरज शेखर तथा विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री रामगोविंद चौधरी और पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गौरी भैया की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि गौरी भैया सादगी के प्रतिमूर्ति थे। वे आजीवन गरीब और समाज के बारे में ही सोचते रहे। गौरी भैया ने जिले को स्कूल, कॉलेज, बिजली, सड़कें दीं। विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि समाजवादी क्या होता है, यह गौरी भैया की जीवन शैली से जाना जा सकता है। जहां तक उनके ईमानदारी की बात है तो वह सिर्फ इसी से जाना जा सकता है कि जब उनका निधन हुआ तो उनके खाते में सिर्फ 250 रुपये थे।
पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि गौरी भैया के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम सब उनके सादगी से परिपूर्ण जीवन शैली को आत्मसात करें। इस मौके पर गौरी भैया की पत्नी ममता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राज मंगल यादव, छात्र नेता राणा प्रताप सिंह, पूर्व प्रमुख गड़वार संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि गौरी भैया सादगी के प्रतिमूर्ति थे। वे आजीवन गरीब और समाज के बारे में ही सोचते रहे। गौरी भैया ने जिले को स्कूल, कॉलेज, बिजली, सड़कें दीं। विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि समाजवादी क्या होता है, यह गौरी भैया की जीवन शैली से जाना जा सकता है। जहां तक उनके ईमानदारी की बात है तो वह सिर्फ इसी से जाना जा सकता है कि जब उनका निधन हुआ तो उनके खाते में सिर्फ 250 रुपये थे।
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पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने कहा कि गौरी भैया के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम सब उनके सादगी से परिपूर्ण जीवन शैली को आत्मसात करें। इस मौके पर गौरी भैया की पत्नी ममता सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राज मंगल यादव, छात्र नेता राणा प्रताप सिंह, पूर्व प्रमुख गड़वार संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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