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सरकार के फैसले ने कर दी पढ़ाई की राह आसान

Sat, 12 Feb 2022 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 11:05 PM IST
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Government's decision made the path of studies easier
बलिया। कोरोना केस कम होने के बाद अब यूपी सरकार ने 14 फरवरी से प्रदेश के सभी स्कूलों व कालेजों को खोलने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद नर्सरी से लेकर लेकर यूनिवर्सिटी तक की कक्षाएं पहले की तरह शुरू हो जाएंगी। हालांकि सरकार ने सात फरवरी को प्रदेश में नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का आदेश दे दिया था। स्कूल व कॉलेज खुलने से अभिभावक व बच्चों में खुशी लहर देखी गई, उनका कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं सिर पर है। स्कूल और कॉलेज खुलने से कोर्स कंप्लीट करने में काफी सहूलियत होगी।
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बता दें कि कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने सभी स्कूल और कालेजों को जनवरी तक बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई करने का निर्देश दिया था। शासन के निर्देश का जनपद के करीब सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थान पालन किया। इसके साथ ही अधिकांश विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। लेकिन इसमें कई प्रकार की समस्या भी उत्पन्न हो रही थी। जैसे कई छात्रों के पास एंड्रायड मोबाइल की समस्या है तो कहीं नेट की समस्या। इसके अलावा विद्यालयों में विषय वार शिक्षकों एवं पढ़ाई की दुश्वारियां भी छात्रों को झेलनी पड़ रही थी। लेकिन सरकार द्वारा कोरोना कम होने के बाद स्कूल व कालेजों के 14 फरवरी से खोलने के बाद शिक्षण संस्थानों से लेकर अभिभावकों व छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि सरकार ने सात फरवरी को प्रदेश में नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खोलने का आदेश दे दिया था। जिसके बाद शिक्षण संस्थानों के साथ ही छात्रों को राहत मिला।
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राहत देने वाला है फैसला
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देश में कोरोना के मामले अब नियंत्रण में हैं। 15 वर्ष से 18 वर्ष के अधिकांश बच्चों को कोरोना की पहली डोज लग चुकी है। दूसरी डोज लगाने का भी काम युद्ध स्तर पर जारी है। पहले ही कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही है। इसलिए 14 फरवरी से कक्षा - एक से 12 तक के विद्यालयों को खोलने का सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। बहुत से अभिभावक भी अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित थे। सरकार का यह निर्णय उनके लिए भी राहत देने वाला है। कुल मिलाकर बच्चों के समुचित विकास के लिए विद्यालयों को खोले जाने का निर्णय सबके लिए राहत देने वाला है।
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- सुनील कुमार यादव, प्रबंधक, फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल, निमिया पोखरा (कटरिया) बलिया
- 14 फरवरी से स्कूल खुल जाने से माताओं के दिनचर्या में बड़ी राहत आयेगी। इसके साथ ही बच्चों को भी शिक्षा पूरी होगी। कोरोना काल से बच्चे भी घर पर रहकर उब चुके है। स्कूल व कालेज खुलने से वे भी अपने दोस्तों से मिलेंगे और अपना दु:ख शेयर करेंगे। सरकार का स्कूल व कालेज खोले जाने का निर्णय स्वागत योग्य है। इसके खुलने से छात्रों का अधूरा कोर्स शीघ्र कंप्लीट हो जाएगा। स्कूल व कालेज बंद होने से अभिभावक व बच्चे दोनों ही कोर्स को लेकर काफी चिंतित थे। अब उन्हें काफी राहत मिलेगी।
- संस्कृति सिंह, प्रधानाचार्य, ज्ञान पीठीका स्कूल, जीराबस्ती, बलिया
अभिभावकों को भी भाया फैसला
- सरकार द्वारा स्कूल व कालेज खोले जाने का निर्णय स्वागत योग्य है। कारण कि बच्चों को भविष्य अंधकारमय होता जा रहा था। स्कूल व कालेज में गुरुजनों द्वारा जो संस्कार व शिक्षा प्रदान किया जाता है। वह घर पर कितना भी दिया जाय बच्चे ग्रहण नहीं कर पाते है। स्कूल व कालेज खुलने से बच्चों का अधूरा कोर्स कंप्लीट होगा।
- अभिभावक देवेंद्र तिवारी
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- कोरोना महामारी के चलते स्कूल व कालेज बंद होने से बच्चे भी घर पर रहकर बोर हो गए थे। अब उन्हें भी अपने दोस्तों के साथ मौज मस्ती करने तथा अधूरा कोर्स कंप्लीट करने में आसानी होगी। सरकार का स्कूल व कालेज खोलने का निर्णय स्वागत योग्य है।
- अभिभावक दीपक केशरी
स्कूल की पढ़ाई की बात की कुछ और
- कोरोना महामारी के चलते सभी स्कूल व कालेजों को बंद कर दिया गया था। जबकि बोर्ड परीक्षा के होने में कुछ माह ही रह गए है। इसके चलते सभी बच्चों का कोर्स भी अधूरा रह गया था। हालांकि बच्चों ने अपने स्तर व ऑनलाइन पढ़ाई से काफी हद तक कवर किया, लेकिन स्कूल व कालेज में पढ़ाई का मजा कुछ और ही रहता है। सरकार का निर्णय सही है।

- छात्रा सृष्टि राय
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- सरकार का स्कूल व कालेज खोलने का निर्णय काबिले तारीफ है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखते हुए निर्णय लिया है। शिक्षण संस्थानों के खुलने से बच्चों का अधूरा कोर्स पूरा होगा। चाहे वह नर्सरी को हो या हाईस्कूल व इंटर का हो। क्योकि घर व कालेज में काफी अंतर होता है। इसके खुलने से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
- छात्र कृष्ण लाल यादव
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