{"_id":"62dae65767556d3fad0ddd50","slug":"ganga-s-water-level-increased-by-130-cm-ballia-news-vns6653987193","type":"story","status":"publish","title_hn":"130 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
130 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर
विज्ञापन
बलिया/नरही। मानसून के फिर से सक्रिय होने और पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा के साथ ही सरयूब नदी के जलस्तर में भी इजाफा दर्ज किया गया है। हालांकि दोनों नदियां अभी खतरा बिंदु से काफी नीचे बह रही है, लेकिन नदी के जलस्तर में और इजाफा होने की आशंका जताई जा रही है। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 130 सेमी और सरयू के जलस्तर में 40 सेमी का बढ़ाव दर्ज किया गया है। गंगा की रफ्तार को देखकर तटवर्ती इलाकों के लोगों की धुकधुकी बढ़ने लगी है।
गंगा के गायघाट गेज पर सुबह आठ बजे जलवस्तर 51.380 मीटर दर्ज किया गया है। 24 घंटे पहले ये 51.250 मीटर था। यहां खरता बिंदु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएशपी हेड पर सरयू नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 62.120 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे पहले ये 62.080 मीटर दर्ज किया गया था। यहां खतरा बिंदु 64.01 मीटर है। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पेटा भरना शुरू हो गया है। निचले क्षेत्रों के लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस बार फिर गंगा में उनकी कृषि योग्य उपजाऊ भूमि गंगा में समाहित हो जाएगी। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होते ही तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो जाती है। शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती के लोग गांव के अस्तित्व को बचाने में लगे हुए हैं, तो इच्छा चौबे का पूरा गांव के लोग गंगा कटान के खतरे को लेकर सहमे हुए हैं। शाहपुर बभनौली व इच्छा चौबे का पूरा गांव आधा किलो मीटर की दूरी पर है शाहपुर बभनौली गांव सहित उपजाऊ जमीन गंगा कटान में विलीन होता गया और गांव के लोग पलायन करते गये वर्तमान में कटान के मुहाने पर 50 घर बचे हैं। वह भी कटान के चपेट में हैं। इधर कुछ वर्षों से गंगा का कटान का रूख इच्छा चौबे का पूरा के तरफ हो गया है। गांव के लोगों ने कटान से बचाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार से गुहार लगाईहै। पिछले साल इच्छा चौबे का पूरा गांव के पास हो रहें कटान को रोकने के लिए कटान रोधी कार्य चल ही रहा था कि बाढ़ आ गई। कटान रोधी कार्य रोक दिया गया। बावजूद इसके कि उपजाऊ जमीन का कटान होता रहा। तभी से कटान रोधी कार्य रूका हुआ है। अब फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव वालों को कटान का डर सताने लगा है। इच्छा चौबे का पूरा गांव निवासी महंथ शर्मा, कलिका यादव ने बताया कि गांव को बचाने के लिए बहुत गुहार लगाई गई है। लेकिन कटान को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया यदि कटान फिर शुरू हुआ तो इच्छाचौबे कापूरा गांव भी गंगा में विलीन हो जाएगा। जो हस्र शाहपुर बभनौली गांव का हुआ वहीं इच्छा चौबे का पूरा गांव का भी हो सकता है।
विज्ञापन
गंगा के गायघाट गेज पर सुबह आठ बजे जलवस्तर 51.380 मीटर दर्ज किया गया है। 24 घंटे पहले ये 51.250 मीटर था। यहां खरता बिंदु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएशपी हेड पर सरयू नदी का जलस्तर सुबह आठ बजे 62.120 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे पहले ये 62.080 मीटर दर्ज किया गया था। यहां खतरा बिंदु 64.01 मीटर है। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पेटा भरना शुरू हो गया है। निचले क्षेत्रों के लोग सतर्क हो गए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस बार फिर गंगा में उनकी कृषि योग्य उपजाऊ भूमि गंगा में समाहित हो जाएगी। गंगा के जलस्तर में वृद्धि होते ही तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो जाती है। शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती के लोग गांव के अस्तित्व को बचाने में लगे हुए हैं, तो इच्छा चौबे का पूरा गांव के लोग गंगा कटान के खतरे को लेकर सहमे हुए हैं। शाहपुर बभनौली व इच्छा चौबे का पूरा गांव आधा किलो मीटर की दूरी पर है शाहपुर बभनौली गांव सहित उपजाऊ जमीन गंगा कटान में विलीन होता गया और गांव के लोग पलायन करते गये वर्तमान में कटान के मुहाने पर 50 घर बचे हैं। वह भी कटान के चपेट में हैं। इधर कुछ वर्षों से गंगा का कटान का रूख इच्छा चौबे का पूरा के तरफ हो गया है। गांव के लोगों ने कटान से बचाने के लिए जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार से गुहार लगाईहै। पिछले साल इच्छा चौबे का पूरा गांव के पास हो रहें कटान को रोकने के लिए कटान रोधी कार्य चल ही रहा था कि बाढ़ आ गई। कटान रोधी कार्य रोक दिया गया। बावजूद इसके कि उपजाऊ जमीन का कटान होता रहा। तभी से कटान रोधी कार्य रूका हुआ है। अब फिर गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव वालों को कटान का डर सताने लगा है। इच्छा चौबे का पूरा गांव निवासी महंथ शर्मा, कलिका यादव ने बताया कि गांव को बचाने के लिए बहुत गुहार लगाई गई है। लेकिन कटान को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया यदि कटान फिर शुरू हुआ तो इच्छाचौबे कापूरा गांव भी गंगा में विलीन हो जाएगा। जो हस्र शाहपुर बभनौली गांव का हुआ वहीं इच्छा चौबे का पूरा गांव का भी हो सकता है।
विज्ञापन