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Ballia News: सरयू में समा गए चार और मकान
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बैरिया क्षेत्र के गाेपालनगर टाड़ी में सरयू नदी के बाढ़ के पानी से हो रहे कटान को देखते ग्रामीण।
बैरिया। सरयू नदी का लगातार तेज होता कटान उत्तरी दियरांचल के ग्रामीणों के लिए भयावह साबित हो रहा है। मंगलवार को गोपाल नगर टाड़ी गांव में सरयू की प्रचंड धारा ने चार और मकान देखते-ही-देखते घर नदी में समा गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
इससे एक दिन पहले सोमवार को भी चार मकान कटान की भेंट चढ़ गए थे। लगातार हो रही कटान से अब तक गोपाल नगर टाड़ी के 24 मकान नदी में विलीन हो चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पूरे दियरांचल के अस्तित्व पर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।
सरयू की तीव्र धारा गोपाल नगर टाड़ी में मकानों पर कहर बरपा रही है। वहीं गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर सिवान, शिवाल मठिया, अधिसिझुआ, गुमानी का डेरा और बकुलहा तक फैली उपजाऊ कृषि भूमि भी तेजी से नदी में समाती जा रही है।
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मंगलवार को कटान की चपेट में आकर मुकरध्वज यादव, मुन्नी देवी, जनार्दन यादव और ललन यादव के मकान धराशायी हो गए। वहीं सोमवार को कलावती देवी, प्रभावती देवी, लालमुनी देवी और सोना देवी के मकान भी नदी में समा गए थे। आशियाना उजड़ने के बाद सभी पीड़ित खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन को छोड़कर मंगलवार को भी कोई जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा।
कटान पीड़ितों को दिया जा रहा गृह अनुदान
उप जिलाधिकारी बैरिया शशि भूषण मिश्र ने बताया कि मंगलवार को गोपाल नगर टाड़ी में चार मकान सरयू के कटान में ध्वस्त हुए हैं। जिन परिवारों के मकान कटान में विलीन हुए हैं उन्हें तत्काल गृह अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। कटान की स्थिति की प्रतिदिन शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। तहसील प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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इससे एक दिन पहले सोमवार को भी चार मकान कटान की भेंट चढ़ गए थे। लगातार हो रही कटान से अब तक गोपाल नगर टाड़ी के 24 मकान नदी में विलीन हो चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पूरे दियरांचल के अस्तित्व पर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है।
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सरयू की तीव्र धारा गोपाल नगर टाड़ी में मकानों पर कहर बरपा रही है। वहीं गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर सिवान, शिवाल मठिया, अधिसिझुआ, गुमानी का डेरा और बकुलहा तक फैली उपजाऊ कृषि भूमि भी तेजी से नदी में समाती जा रही है।
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मंगलवार को कटान की चपेट में आकर मुकरध्वज यादव, मुन्नी देवी, जनार्दन यादव और ललन यादव के मकान धराशायी हो गए। वहीं सोमवार को कलावती देवी, प्रभावती देवी, लालमुनी देवी और सोना देवी के मकान भी नदी में समा गए थे। आशियाना उजड़ने के बाद सभी पीड़ित खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन को छोड़कर मंगलवार को भी कोई जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी उनका हाल जानने नहीं पहुंचा।
कटान पीड़ितों को दिया जा रहा गृह अनुदान
उप जिलाधिकारी बैरिया शशि भूषण मिश्र ने बताया कि मंगलवार को गोपाल नगर टाड़ी में चार मकान सरयू के कटान में ध्वस्त हुए हैं। जिन परिवारों के मकान कटान में विलीन हुए हैं उन्हें तत्काल गृह अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। कटान की स्थिति की प्रतिदिन शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। तहसील प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।