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चार सौ बीघे खेत में भरा बरसात का पानी, किसान परेशान
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बारिश के चलते रेल लाइन के दक्षिण स्थित खेतों में जलभराव हो गया है जिससे फसल बर्बाद होने का खतरा है। विशुनपुरा अराजी माफी, विशुनपुरा तथा खदरा मौजे के करीब 400 बीघे खेतों में पानी भरा है।
लगातार बारिश से एक तरफ जहां खरीफ सत्र की मक्का की बोआई बाधित रही वहीं रोपे गए धान जलभराव के कारण पानी में या तो डूब गए हैं या रोपे ही नहीं जा सके हैं। किसानों का मानना है कि 1500 बीघे के बडे़ मौजा विशुनपुरा में लगभग 300 बीघा के क्षेत्र में तथा अराजी माफी विशुनपुरा मौजा के करीब 60 बीघा तथा खदरा मौजा के 30 से 40 बीघा खेत में पानी भरा हुआ है।
खानपुर के पश्चिम तथा आसपास के क्षेत्र सहित मुड़ाडीह, पचरूखा, गायघाट के भू भाग के विस्तृत क्षेत्र का बरसाती पानी विशुनपुरा तथा खदरा मौजा के बीच स्थित पैनी नाला से होकर छेड़ी चौबेछपरा होते हुए कोल नाला कुण्ड में जाकर जमा होता है। फिर यह पानी कोल नाला से देवपुर रेगुलेटर के माध्यम से सरयू नदी में निकल जाया करता है। किसानों का कहना है कि बीते कई वर्षों से बरसाती पानी उक्त नाला के छिछला होने तथा जगह जगह जाम होने से निकल नहीं पाता। ऐसे में किसानों को एक बार फिर भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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लगातार बारिश से एक तरफ जहां खरीफ सत्र की मक्का की बोआई बाधित रही वहीं रोपे गए धान जलभराव के कारण पानी में या तो डूब गए हैं या रोपे ही नहीं जा सके हैं। किसानों का मानना है कि 1500 बीघे के बडे़ मौजा विशुनपुरा में लगभग 300 बीघा के क्षेत्र में तथा अराजी माफी विशुनपुरा मौजा के करीब 60 बीघा तथा खदरा मौजा के 30 से 40 बीघा खेत में पानी भरा हुआ है।
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खानपुर के पश्चिम तथा आसपास के क्षेत्र सहित मुड़ाडीह, पचरूखा, गायघाट के भू भाग के विस्तृत क्षेत्र का बरसाती पानी विशुनपुरा तथा खदरा मौजा के बीच स्थित पैनी नाला से होकर छेड़ी चौबेछपरा होते हुए कोल नाला कुण्ड में जाकर जमा होता है। फिर यह पानी कोल नाला से देवपुर रेगुलेटर के माध्यम से सरयू नदी में निकल जाया करता है। किसानों का कहना है कि बीते कई वर्षों से बरसाती पानी उक्त नाला के छिछला होने तथा जगह जगह जाम होने से निकल नहीं पाता। ऐसे में किसानों को एक बार फिर भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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