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विश्वविद्यालय की स्थापना समारोह के दूसरे दिन हुआ विचारों का समुद्र मंथन

Mon, 21 Dec 2020 10:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 21 Dec 2020 10:38 PM IST
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foundetion ceremony
जननायक विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के दुसरे दिन वीडियो काफ्रेसिंग के माध्यम से प्रथम सत्र कार - फोटो : BALLIA
बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन सोमवार को विश्वविद्यालय द्वारा एनआईसी सभागार में जेएनसीयू एंड बलिया: इंटीग्रल बांड्स विथ लिविंग लिजेंड्स विषयक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय ने किया।
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अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत करते हुए वीसी ने कहा कि लिविंग लिजेंडस ऑफ बलिया के माध्यम से बलिया की माटी में जन्में उन विभूतियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो यहां से बाहर रहकर अपने कर्मक्षेत्र के शिखर पर हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने वीडियो संदेश दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग देने का भरोसा दिया और विश्वविद्यालय द्वारा जनपद की विभूतियों को जोड़ने के प्रयास की सराहना की। कहा कि इन अनूठी पहल से विश्वविद्यालय और बलिया के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। वेबिनार को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य घनश्याम सिंह ने भोजपुरी में परिचय दिया। उन्होंने कहा कि यह वेबिनार समुद्र-मंथन की तरह है, जिससे अमृत का निकलना तय है।
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बलिया डेवेलपमेंट फोरम बनाने का सुझाव
वेबिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. आरसी श्रीवास्तव, कुलपति डॉ आरपीएसी विवि समस्तीपुर ने व्याख्यान भोजपुरी में दिया और सुझाव दिया कि सभी विभूतियों को लेकर बलिया डेवेलपमेंट फोरम बनाया जाए, जो जिले के चतुर्दिक विकास का मार्ग प्रशस्त करे। जल और कृषि के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का लाभ देने का वादा भी उन्होंने किया। प्रो. प्रदीप कुमार सिंह, निदेशक सीएसआईआर धनबाद ने प्रतिभावान गरीब बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने का वादा किया। साथ ही बलिया को आर्सेनिक के कुप्रभाव से बचाने के लिए अपने स्तर से मदद देने की बात कही। इनके अलावा, प्रो. जेपीएन पांडेय, सुरेश तिवारी, प्रो. राजनाथ यादव, डॉ. अनिल कुमार मिश्र आदि विभूतियों ने बलिया से जुड़ने पर प्रसन्नता व्यक्त की और योगदान का आश्वासन दिया।
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