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कोर्ट के आदेश पर राजस्व निरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज

Tue, 02 Feb 2021 10:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 10:47 PM IST
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fir on corruption
बलिया। सीजेएम के निर्देश पर भ्रष्टाचार से संबंधित विभिन्न धाराओं में सदर तहसील के राजस्व निरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। राजस्व निरीक्षक पर एक स्कूल के भौतिक सत्यापन के लिए रिश्वत मांगे जाने और कुछ हिस्सा देने के बावजूद सत्यापन रिपोर्ट न भेजने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, संबंधित स्कूल के प्रबंधक डॉ. संजय तिवारी ने जिलाधिकारी को पत्र देकर भ्रष्टाचार के आरोपी राजस्व निरीक्षक के पद पर रहने के बाबत सवाल उठाया है और कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने इस मामले में सीआरओ और एसडीएम सदर को जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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श्रीराम विद्यापीठ बांसडीह रोड शंकरपुर के प्रबंधक डॉ. संजय तिवारी ने सीजेएम को दिए आवेदन में बताया कि उनके द्वारा आयुक्त आजमगढ़ मंडल के यहां सीबीएसई से संबद्धता के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए आवेदन किया था। आयुक्त ने जिलाधिकारी को नियमानुसार जांचकर आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके बाद डीएम ने भौतिक सत्यापन के लिए सदर तहसील प्रशासन को नियमानुसार कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। जिस पर सदर तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक उजियार रणजीत बहादुर सिंह को भौतिक सत्यापन के लिए निर्देशित किया। जब प्रबंधक भौतिक सत्यापन के संबंध में राजस्व निरीक्षक से मिलने पहुंचे तब कहा गया कि जब तक एक लाख रुपये नहीं मिलेगा, किसी प्रकार का कोई सत्यापन नहीं होगा। काफी प्रयास के बाद भौतिक सत्यापन नहीं किया गया तब प्रबंधक 14 सितंबर 2019 को उनके ऑफिस में गया। उस समय राजस्व निरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह अकेले ही बैठे थे। प्रबंधक ने 70 हजार लाने की बात कही और उन्हें रुपये दे दिया। पूरा दृश्य कैमरे में कैद हो गया। इसके बाद भी राजस्व निरीक्षक ने विद्यालय की पत्रावली पर किसी प्रकार का भौतिक सत्यापन नहीं किया। राजस्व निरीक्षक से मिलने पर वह आनाकानी कर रहे हैं और शेष धनराशि की मांग पर अड़े हुए हैं। इसकी सुनवाई करते हुए सीजेएम बलिया ने 24 दिसंबर 2020 को मुकदमा दर्जकर विवेचना करने का आदेश दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर 29 जनवरी को मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें भ्रष्टाचार अधिनियम की तीन धाराएं भी शामिल हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद डॉ. तिवारी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर बताया है कि भ्रष्टाचार के आरोपी राजस्व निरीक्षक अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं और मुझे और मेरे परिवार को धमकी देकर मुकदमा वापस करने के लिए दबाव बना रहे हैं। जिलाधिकारी ने मामले का परीक्षण कर कार्रवाई करने का निर्देश सीआरओ और सदर एसडीएम को दिया है।
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