{"_id":"5e3462b78ebc3e4b5251f052","slug":"explain-earthquake-prevention-methods-ballia-news-vns508147951","type":"story","status":"publish","title_hn":"भुकम्प आने पर क्या करें और क्या नहीं की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भुकम्प आने पर क्या करें और क्या नहीं की दी जानकारी
विज्ञापन
शहर के टाउन डिग्री कालेज में दैवीय आपदा को लेकर आयोजित मॉक ड्रिल के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते
- फोटो : BALLIA
बलिया। टीडी कालेज परिसर में शुक्रवार को आयोजित मॉक ड्रिल में दैवीय आपदा, खासकर भूकंप आने की स्थिति में बचाव के तरीके बताए गए। इंसिडेंट कमांडर के रूप में मौजूद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही के नेतृत्व में आग लगने, भूकंप आने पर ऊपरी मंजिलों पर लोगों के फंसे होने और अन्य आपदा के समय बचाव की तकनीक बताई गई।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा पर किसी का बस नहीं चलता। यह कब और किस रूप में आएगी इसका कोई समय नहीं होता, लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर उसके प्रभाव को जरूर कम किया जा सकता है। यह तभी होगा जब लोगों को आपदा से बचाव और सावधानियों के बारे में जानकारी होगी। ऐसे मौके एक्सरसाइज में लोगों को समय निकालकर आना चाहिए और उन सावधानियों के बारे में जानकारी लेना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे विभाग, जिनसे आपात स्थिति में मदद ली जा सकती है, उनके पास मौजूद संसाधनों के साथ एक सूची बना लेनी चाहिए। हमेशा रूटीन में इस तरह का अभ्यास करते रहने की जरूरत है। उन्होंने अभ्यास करने वाले जवानों, स्काउट गाइड व अन्य लोगों की सराहना की।
एएसपी संजय कुमार ने कहा कि भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसमें बहुत समय नहीं मिलता है। आपात स्थिति में अगर जागरूक हो, बचाव की कुछ जरूरी जानकारी हो तो काफी हद तक जानमाल की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने आपात स्थिति पैदा होने से लेकर बचाव के विभिन्न तरीके समझाए। पशु विभाग के चिकित्सक ने अचानक आए भूकंप की स्थिति में पशुओं को कैसे बचाया जाए, इसके बारे में बताया। इस अवसर पर एडीएम रामआसरे, एसडीएम बेल्थरारोड राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर मोती लाल यादव, कोतवाल विपिन सिंह, टीएसआई सुरेशचंद द्विवेदी, अग्निशमन विभाग के अधिकारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
अभ्यास कर दिखाया गया
मॉक ड्रिल के दौरान टीडी कालेज के मैदान पर अलग-अलग स्टाल लगाकर आपदा में सावधानी और बचाव के बारे में बताया गया। मेडिकल एडपोस्ट, इंसीडेंट कमांड पोस्ट, लॉजिस्टिक सेक्शन, ऑपरेशन सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग समेत अन्य स्टालों पर बचाव के तरीके बताए गए। आग लगने पर या भूकंप आने पर ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को कैसे बचाया जाए, इसका अभ्यास कर दिखाया गया। आपदा के दौरान पेड़ गिरने पर उसे जेसीबी और कटर मशीन से तत्काल हटाकर दिखाया गया। डीएम ने भ्रमण कर हर सेक्शन का अवलोकन किया। राष्ट्रीय सचल चिकित्सा इकाई व समस्त सेक्शन द्वारा किए जाने वाले राहत कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
विज्ञापन
इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा पर किसी का बस नहीं चलता। यह कब और किस रूप में आएगी इसका कोई समय नहीं होता, लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर उसके प्रभाव को जरूर कम किया जा सकता है। यह तभी होगा जब लोगों को आपदा से बचाव और सावधानियों के बारे में जानकारी होगी। ऐसे मौके एक्सरसाइज में लोगों को समय निकालकर आना चाहिए और उन सावधानियों के बारे में जानकारी लेना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे विभाग, जिनसे आपात स्थिति में मदद ली जा सकती है, उनके पास मौजूद संसाधनों के साथ एक सूची बना लेनी चाहिए। हमेशा रूटीन में इस तरह का अभ्यास करते रहने की जरूरत है। उन्होंने अभ्यास करने वाले जवानों, स्काउट गाइड व अन्य लोगों की सराहना की।
विज्ञापन
एएसपी संजय कुमार ने कहा कि भूकंप एक ऐसी आपदा है जिसमें बहुत समय नहीं मिलता है। आपात स्थिति में अगर जागरूक हो, बचाव की कुछ जरूरी जानकारी हो तो काफी हद तक जानमाल की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने आपात स्थिति पैदा होने से लेकर बचाव के विभिन्न तरीके समझाए। पशु विभाग के चिकित्सक ने अचानक आए भूकंप की स्थिति में पशुओं को कैसे बचाया जाए, इसके बारे में बताया। इस अवसर पर एडीएम रामआसरे, एसडीएम बेल्थरारोड राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर मोती लाल यादव, कोतवाल विपिन सिंह, टीएसआई सुरेशचंद द्विवेदी, अग्निशमन विभाग के अधिकारी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
अभ्यास कर दिखाया गया
मॉक ड्रिल के दौरान टीडी कालेज के मैदान पर अलग-अलग स्टाल लगाकर आपदा में सावधानी और बचाव के बारे में बताया गया। मेडिकल एडपोस्ट, इंसीडेंट कमांड पोस्ट, लॉजिस्टिक सेक्शन, ऑपरेशन सेक्शन, प्लानिंग सेक्शन, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्निशमन विभाग समेत अन्य स्टालों पर बचाव के तरीके बताए गए। आग लगने पर या भूकंप आने पर ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों को कैसे बचाया जाए, इसका अभ्यास कर दिखाया गया। आपदा के दौरान पेड़ गिरने पर उसे जेसीबी और कटर मशीन से तत्काल हटाकर दिखाया गया। डीएम ने भ्रमण कर हर सेक्शन का अवलोकन किया। राष्ट्रीय सचल चिकित्सा इकाई व समस्त सेक्शन द्वारा किए जाने वाले राहत कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली।