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शौचालय निर्माण धीमा होने पर डीएम सख्त
ballia
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:17 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों संग बैठक करते डीएम भवानी सिंह खंगारौत।
- फोटो : अमर उजाला
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जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने जिले शौचालय निर्माण की धीमी रफ्तार पर सख्त नाराजगी जताई है। सभी बीडीओ व एडीओ पंचायत को खराब प्रगति को सुधारने के लिए अगले 14 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि पात्रों को शौचालय का लाभ देने में किसी प्रकार की वसूली आदि की शिकायत मिली तो मुकदमा दर्ज किया जाए।
गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के प्रत्येक गांव को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बलिया को भी इस साल के अंत तक ओडीएफ करना है। इसके लिए यहां 3 लाख 57 हजार शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य है। यह तभी पूरा होगा जब हम प्रतिदिन दो हजार शौचालय बनाएंगे। लेकिन वर्तमान में शौचालय निर्माण की गति बहुत धीमी है।
इसके लिए ब्लॉक स्तर से ग्राम विकास व पंचायत विभाग के अफसरों को आपस में बेहतर समन्वय बनाना होगा। खण्ड विकास अधिकारी को बेहतर नेतृत्व क्षमता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि कहीं भी ऐसा न हो कि शौचालय निर्माण के बाद धनराशि भेजने में देरी हो रही हो। निर्माण के हिसाब से लाभार्थियों को तत्काल पहली व दूसरी किस्त भेज दी जाए।
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गुरुवार की देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ व एडीओ पंचायत को निर्देश देते हुए कहा कि जिले के प्रत्येक गांव को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) करना केंद्र व राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बलिया को भी इस साल के अंत तक ओडीएफ करना है। इसके लिए यहां 3 लाख 57 हजार शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य है। यह तभी पूरा होगा जब हम प्रतिदिन दो हजार शौचालय बनाएंगे। लेकिन वर्तमान में शौचालय निर्माण की गति बहुत धीमी है।
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इसके लिए ब्लॉक स्तर से ग्राम विकास व पंचायत विभाग के अफसरों को आपस में बेहतर समन्वय बनाना होगा। खण्ड विकास अधिकारी को बेहतर नेतृत्व क्षमता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि कहीं भी ऐसा न हो कि शौचालय निर्माण के बाद धनराशि भेजने में देरी हो रही हो। निर्माण के हिसाब से लाभार्थियों को तत्काल पहली व दूसरी किस्त भेज दी जाए।
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