{"_id":"f997c5516215802c2317e76811a37824","slug":"depressed-demand-persist-continue-picketing-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांग पर अड़े दलित, धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांग पर अड़े दलित, धरना जारी
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 19 Mar 2015 10:46 PM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में वायना गांव के दलित बस्ती के लोगों का धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। बस्ती को जाने वाले रास्ते को खोलने की मांग पर दलित अड़े हुए हैं।
उनका कहना है जब तक रास्ता नहीं खुल जाता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही फेफना पुलिस पर बच्चों को धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की भी मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रदेश नेता श्रीराम चौधरी ने कहा कि दलितों का रास्ता रोकना सत्ता पक्ष और क्षेत्रिय प्रतिनिधि का एक राजनीतिक साजिश है।
उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर मामले को तूल दे रहा है। चेताया कि यदि दलित बस्ती के लोगों का रास्ता खोला नहीं गया तो माले जनता का मुद्दा बनाकर जनसंघर्ष पेश करेगी।
विज्ञापन
माले के जिला सचिव लाल साहब राम ने दलितों को आह्वान किया कि वे अपने मान सम्मान हक हकूक के लिए संघर्ष को तैयार रहें। दलितों के इस ज्वलंत मुद्दे पर बसपा की चुप्पी को आश्चर्यजनक बताया।
इस मौके पर शिव विलास साह, राम निवास, लिलावती भारती, रामप्रवेश शर्मा, परमात्मा राय, अरविंद गाेंडवाना, सरदार कन्हैया सिंह, मायानंद वर्मा, राजू यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता बृजेश राम और संचालन लक्ष्मण यादव ने किया।
विज्ञापन
उनका कहना है जब तक रास्ता नहीं खुल जाता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही फेफना पुलिस पर बच्चों को धमकी देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की भी मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रदेश नेता श्रीराम चौधरी ने कहा कि दलितों का रास्ता रोकना सत्ता पक्ष और क्षेत्रिय प्रतिनिधि का एक राजनीतिक साजिश है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन जानबूझकर मामले को तूल दे रहा है। चेताया कि यदि दलित बस्ती के लोगों का रास्ता खोला नहीं गया तो माले जनता का मुद्दा बनाकर जनसंघर्ष पेश करेगी।
विज्ञापन
माले के जिला सचिव लाल साहब राम ने दलितों को आह्वान किया कि वे अपने मान सम्मान हक हकूक के लिए संघर्ष को तैयार रहें। दलितों के इस ज्वलंत मुद्दे पर बसपा की चुप्पी को आश्चर्यजनक बताया।
इस मौके पर शिव विलास साह, राम निवास, लिलावती भारती, रामप्रवेश शर्मा, परमात्मा राय, अरविंद गाेंडवाना, सरदार कन्हैया सिंह, मायानंद वर्मा, राजू यादव आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता बृजेश राम और संचालन लक्ष्मण यादव ने किया।