बलियाः कर्ज में डूबे पेट्रोल पंप के मैनेजर ने ही रची थी 8.88 लाख लूट की फर्जी कहानी, पुलिस ने किया खुलासा
अमर उजाला ने इस लूटकांड के बारे में पहले ही खुलासा कर दिया था। पिंडहरा गांधी आश्रम के समीप 22 जुलाई की शाम पेट्रोल पंप के मैनेजर संजय गोंड से 8.88 लाख रुपये की लूट हुई थी।
विस्तार
बलिया जिले के बांसडीह कोतवाली अंतर्गत पेट्रोल पंप मैनेजर से हुई लाखों की लूट का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। इस लूट का मास्टमाइंड पंप मैनेजर ही था। बांसडीह कोतवाली और एसओजी टीम ने इस मामले में कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से साढ़े छह लाख रुपए नगद बरामद हुए हैं। अमर उजाला ने इस लूटकांड के बारे में पहले ही खुलासा कर दिया था।
बांसडीह-बलिया मार्ग पर पिंडहरा गांधी आश्रम के समीप 22 जुलाई की शाम पेट्रोल पंप के मैनेजर संजय गोंड से 8.88 लाख रुपये की लूट हुई थी। पेट्रोल पंप के मालिक शंभू प्रसाद गुप्त पुत्र महेंद्र प्रसाद गुप्त ने अज्ञात बाइक सवार आरोपियों पर मैनेजर को असलहा दिखाकर आठ लाख रुपए लूटने के आरोप लगाए गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया था। पुलिस अधीक्षक डा. विपिन ताडा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। खुलासे के लिए दो टीमें गठित की गई थी। बांसडीह कोतवाली और एसओजी टीम खुलासे में लगी थी। टीम ने सर्विलांस की मदद से शुक्रवार को लूटकांड का खुलासा किया।
एसपी ने बताया कि पेट्रोल पंप मैनेजर संजय गोंड लूटकांड की मुख्य साजिशकर्ता था। मैनेजर ने तारकेश्वर यादव निवासी जितौरा थाना बांसडीह, पिंटू मिश्र निवासी केवरा थाना बांसडीह, धनजी बिंद निवासी राजपुर और अवधेश यादव निवासी जितौरा के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी।
नाटकीय ढंग से लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर साढ़े छह लाख रुपये भी बरामद कर लिए गए। आरोपियों के पास से दो तमंचा, पांच कारतूस बरामद हुए हैं। बताया कि पेट्रोल पंप मैनेजर पिछले चार पांच सालों से पंप पर काम कर रहा था। वह कर्ज में डूबा था। इसलिए साजिश के तहत उसने फर्जी लूट की घटना को अंजाम दिया।