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कैदियाें ने खत्म की भूख हड़ताल
बलिया ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:41 PM IST
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जिला कारागार में निरुद्ध दुष्कर्म के आरोपी सिपाही को वीआईपी सुविधा देने तथा डिप्टी जेलर वीपी शर्मा का स्थानांतरण की मांग को लेकर निरुद्ध छात्र नेताओं एवं कैदियों ने देर शाम प्रभारी डीएम के आश्वासन के बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी। इससे पहले गोरखपुर परिक्षेत्र के कारागार डीआईजी यादवेंद्र शुक्ल हड़ताली कैदियों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन कैदी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्रसंघ नेताओं ने डीआईजी को बताया कि डिप्टी जेलर वीपी शर्मा द्वारा बैरक नंबर-सात में छात्रों को रखा गया। जबकि दुष्कर्म मामले के आरोपी सिपाही धरम प्रसाद को नियमो में छूट देकर बैरक नंबर-दो-ए में रखा गया। इस प्रकार छात्रनेताओं के साथ डिप्टी जेलर द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया। जिससे मजबूर होकर वे भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों की मांग थी कि डिप्टी जेलर का स्थानांतरण किया जाय।
ेस्वच्छ जल की व्यवस्था के साथ ही निरूद्ध कैदियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाय। बैरकाें में जेनरेटर से पंखा चलाने की व्यवस्था की जाय। सोमवार देर शाम प्रभारी डीएम संतोष कुमार कैदियों से जेल में मिले और कैदियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें निर्णय लिया जाएगा ।
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जिसके बाद कैदियों ने भूख हड़ताल वापस ले ली। छात्रनेताओं ने बताया कि रविवार के दिन से जेल के सैकड़ाें कैदी हम लोगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। इस मौके पर विवेक सिंह, सौरभ सिंह, विजयानंद सिंह, ओंकार सिंह, समेत समस्त कैदी मौजूद रहे। वहीं जेल अधीक्षक प्रंशात मौर्या ने बताया कि निरुद्ध छात्रनेताओं का आरोपी बेबुनियाद हैं। कहा कि छेड़खानी के आरोपी सिपाही को सुरक्षा के मद्देनजर बैरक नंबर-दो-ए में रखा गया था। अगर उसमें नहीं रखा जाता तो निरुद्ध कैदी आरोपी सिपाही के साथ मारपीट कर सकते हैं।
छात्रसंघ नेताओं ने डीआईजी को बताया कि डिप्टी जेलर वीपी शर्मा द्वारा बैरक नंबर-सात में छात्रों को रखा गया। जबकि दुष्कर्म मामले के आरोपी सिपाही धरम प्रसाद को नियमो में छूट देकर बैरक नंबर-दो-ए में रखा गया। इस प्रकार छात्रनेताओं के साथ डिप्टी जेलर द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया। जिससे मजबूर होकर वे भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों की मांग थी कि डिप्टी जेलर का स्थानांतरण किया जाय।
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ेस्वच्छ जल की व्यवस्था के साथ ही निरूद्ध कैदियों को समुचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाय। बैरकाें में जेनरेटर से पंखा चलाने की व्यवस्था की जाय। सोमवार देर शाम प्रभारी डीएम संतोष कुमार कैदियों से जेल में मिले और कैदियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें निर्णय लिया जाएगा ।
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जिसके बाद कैदियों ने भूख हड़ताल वापस ले ली। छात्रनेताओं ने बताया कि रविवार के दिन से जेल के सैकड़ाें कैदी हम लोगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। इस मौके पर विवेक सिंह, सौरभ सिंह, विजयानंद सिंह, ओंकार सिंह, समेत समस्त कैदी मौजूद रहे। वहीं जेल अधीक्षक प्रंशात मौर्या ने बताया कि निरुद्ध छात्रनेताओं का आरोपी बेबुनियाद हैं। कहा कि छेड़खानी के आरोपी सिपाही को सुरक्षा के मद्देनजर बैरक नंबर-दो-ए में रखा गया था। अगर उसमें नहीं रखा जाता तो निरुद्ध कैदी आरोपी सिपाही के साथ मारपीट कर सकते हैं।