कfलयुगी पिता ने बेटा-बेटी को फावड़े से काटा
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इस दौरान बीच-बचाव कर रहे बाबा, मां और बहन पर भी फावड़े से वार किया, लेकिन सभी बाल-बाल बच गए। सूचना मिलते ही एसपी मनोज कुमार झा, सीओ सदर बाबूलाल यादव व एसओ फेफना उमेश यादव मौके पर पहुंच गए तथा शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया। पत्नी के बयान पर हत्यारोपी पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। घटना की वजह पत्नी का किसी से अवैध संबंध बताया जा रहा है।
थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी पवन कुमार यादव उर्फ छांगुर यादव की शादी एक दशक पूर्व नरहीं थाना क्षेत्र के टेड़हवा के मठिया गांव निवासी गोरख यादव की पुत्री ललिता के साथ हुई थी। इनकों दो संतानें सात वर्षीय पुत्री खुशबू तथा पांच वर्षीय पुत्र पियूष था।
ग्रामीणों का कहना है कि पति से विवाद के कारण पत्नी लगभग पांच वर्षो से मायके में रहती थी। मायके वालों ने एक माह पूर्व उसे घरवालों के कहने पर ससुराल पहुुंचा दिया था, जहां पति-पत्नी के बीच अवैध संबंध को लेकर आए दिन किचकिच होती थी। गुरुवार की सुबह आरोपी पिता खेत में धान की बेहन डाल करीब आठ बजे घर आया, जहां पत्नी के साथ उसका किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
इतने में आवेश में आकर पिता ने आंगन में ही अपने बेटे और बेटी को फावड़े से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। अपने बेटा-बेटियों को बचाने गई मां को भी मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। इसके अलावा बीच-बचाव कर रहे अपनी मां, बाबा और बहन पर भी वार किया।
लेकिन सभी बाल-बाल बच गए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हत्या कर भाग रहे पिता को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। घायल पत्नी ललिता की तहरीर पर पुलिस ने पति के विरूद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया।
बलिया एसपी मनोज कुमार झा ने कहा कि फेफना थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी छांगुर यादव ने पत्नि के अवैध संबंध के शक में अपने बेटा-बेटी को फावड़े से काट कर हत्या कर दी, हमले में पत्नी भी जख्मी हो गई है। आरोपी पिता को गिरफ्तार का संबंधित धाराओं में चालान कर दिया गया है। उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की पूछताछ में छांगुर यादव ने बताया कि उसका बेटा उसके प्रति हमेशा द्वेष रखता था। बात-बात पर गालियां देता था। गुरुवार की सुबह पत्नी से विवाद हो रहा था, जिस पर बेटा आकर उसे गाली देने लगा। उसकी गाली उसे बर्दाश्त नहीं हुई और फावड़ा उठाकर बेटे पर वार कर दिया। भाई को बचाने के लिए उसकी बेटी भी आई, वह भी कोपभाजन का शिकार हो गई।
कलयुगी पिता ने हैवानियत की सारी हदे पार कर दी। मासूम बेटे और बेटी को जकड़ कर फावड़े से काट डाला। जब वह काटने जा रहा था और बेटा जोर-जोर से चिल्ला कर अपनी मां से कह रहा था कि माई रे माई हमरा के बचा ले, ना त पापा हमरा के काट दिहन। लेकिन कलयुगी पिता का कलेजा नहीं पसीजा।
बेटे के शवों को कलेजे से लगाकर वह कह रही थी कि हाय से माई हमार कलेजा क टुकड़वा के निरदइया मुआ देहलस, अब का होई। अब केकरा सहारे जीयब ये माई। हमरा अखिया के समनवे दूनो के मार देहलस अउरी हम कुछऊ नाही कर पइली, उनके बचा नाहीं पइली। कुछ ऐसी ही बातें कहकर मां रो रही थी, उसके आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
फेफना। थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव निवासी पवन कुमार यादव उर्फ छांगुर यादव ने बताया कि एक दशक पूर्व नरहीं थाना क्षेत्र के टेड़हवा के मठिया गांव निवासी गोरख यादव की पुत्री ललिता से उसकी शादी हुई थी। करीब दो-तीन साल बाद एक पुत्री हुई, लेकिन जब पुत्र ने जन्म लिया तो उसे पत्नी पर शक हुआ।
इसके बाद से उनके बीच विवाद होने लगा। इसके बाद पत्नी मायके चली गई। पांच वर्ष बाद जब ससुराल आई तो बेटे को लेकर उनके बीच विवाद होने लगा। उसका कहना था कि लड़का नाजायज है, जबकि बेटी उसकी संतान है। ससुरालीजनों ने जबरिया अपनी बेटी को यहां पहुंचाया।
उधर, ललिता के पिता गोरख यादव का कहना है कि छांगुर के बाबा और मां के बार-बार कहने के बाद उसने अपनी बेटी को उसके ससुराल पहुंचाया था। उसे क्या पता था कि यह इस प्रकार से हैवानियत पर उतर आएगा। वहीं, पत्नी ललिता का कहना था कि अगर उसके में गलती थी तो उसे मारा या काटा होता। बेटा और बेटियों को क्यों काटा? कहकर फफक कर रोने लगी।