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वाहनों का प्रदूषण जांच के नाम पर अवैध वसूली
Updated Tue, 16 Jan 2018 10:17 PM IST
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बलिया। वाहनों का प्रदूषण जांच के लिए पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जनपद के प्रमुख क्षेत्रा में वाहनों का प्रदूषण जांच के लिए कार्यदायी संस्था कार्य कर रही है, जो सड़क मार्ग से होकर गुजरने वाले प्रत्येक दोपहिया और चारपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच कर रसीद थमा रहा है, प्रदूषण जांच तक तो ठीक है, लेकिन दी जा रही रसीद तीस रुपये की है, जबकि चालक शुल्क लिया जा रहा है 50 रुपए।
मंगलवार की सुबह नगर क्षेत्र के पिपराढाला के पास एनएच 31 पर वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए कार्यदायी संस्था के लोग पुलिस के दो होमगार्ड के साथ वाहनों को रोककर प्रदूषण की जांच कर रहे थे। प्रत्येक दो ओर चारपहिया वाहनों से जांच के नाम पर 50 रुपये शुल्क वसूला जा रहा था। जबकि उनके द्वारा दी जा रही रसीद पर 30 रुपये शुल्क दर्ज था। इसे लेकर कई वाहन चालकों से उनका विवाद भी हुआ। मौके पर कुछ लोगों ने एआरटीओ को फोन कर शिकायत भी की। शिवपुर दियर नई बस्ती निवासी धुरुप सिंह ने बताया कि वाहनों का प्रदूषण जांच के नाम पर कार्यदायी संस्था सिर्फ कोरम पूरा कर रही है, वाहनों को स्टीकर चिपका कर छोड़ दिया जा रहा। प्रदूषण जांच के नाम पर रसीद पर छपे निर्धारित 30 रुपये की जगह 50 रुपये लिए जा रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) अंजनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदूषण जांच के नाम पर अधिक शुल्क वसूली की मौखिक शिकायत मिली है, लिखित शिकायत मिलते ही अवश्य ही कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण जांच के नाम पर अधिक शुल्क का मामला सहीं मिला तो संबंधित कार्यदायी संस्था के लिए कार्रवाई की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे लेने पर तत्काल उसकी शिकायत करें।
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मंगलवार की सुबह नगर क्षेत्र के पिपराढाला के पास एनएच 31 पर वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए कार्यदायी संस्था के लोग पुलिस के दो होमगार्ड के साथ वाहनों को रोककर प्रदूषण की जांच कर रहे थे। प्रत्येक दो ओर चारपहिया वाहनों से जांच के नाम पर 50 रुपये शुल्क वसूला जा रहा था। जबकि उनके द्वारा दी जा रही रसीद पर 30 रुपये शुल्क दर्ज था। इसे लेकर कई वाहन चालकों से उनका विवाद भी हुआ। मौके पर कुछ लोगों ने एआरटीओ को फोन कर शिकायत भी की। शिवपुर दियर नई बस्ती निवासी धुरुप सिंह ने बताया कि वाहनों का प्रदूषण जांच के नाम पर कार्यदायी संस्था सिर्फ कोरम पूरा कर रही है, वाहनों को स्टीकर चिपका कर छोड़ दिया जा रहा। प्रदूषण जांच के नाम पर रसीद पर छपे निर्धारित 30 रुपये की जगह 50 रुपये लिए जा रहे हैं। एआरटीओ (प्रशासन) अंजनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदूषण जांच के नाम पर अधिक शुल्क वसूली की मौखिक शिकायत मिली है, लिखित शिकायत मिलते ही अवश्य ही कार्रवाई की जाएगी। प्रदूषण जांच के नाम पर अधिक शुल्क का मामला सहीं मिला तो संबंधित कार्यदायी संस्था के लिए कार्रवाई की जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण जांच के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे लेने पर तत्काल उसकी शिकायत करें।
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