{"_id":"59a070604f1c1b1e3b8b492f","slug":"41503686752-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के मुल्जिम को रिहा करने पर अहलमद निलम्बित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के मुल्जिम को रिहा करने पर अहलमद निलम्बित
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया । बैरिया तहसील के उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के अहलमद फौजदारी अक्षयवर नाथ पांडेय को जिलाधिकारी ने सस्पेंड कर दिया है। एक मुल्जिम को बिना सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए व बिना कोई आदेश लिए रिहा करने पर यह कार्रवाई हुई है।
जानकारी के अनुसार, रेवती थाना क्षेत्र के नवका गांव निवासी सीमा देवी पत्नी सोनू चौधरी को धारा 107/116/151 में गिरफ्तार किया गया था। मुल्जिम को 50 हजार के व्यक्तिगत मुचलका व जमानत के लिए एक मौका के दरख्वास्त पर जमानत दे दी गई थी। इस कार्यवाही में कहीं भी उप जिला मजिस्ट्रेट के दस्तख़त तक नहीं थे । यह प्रकरण संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने अहलमद/नायब नाजिर अक्षयवर नाथ पांडेय का स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण में अक्षयवर नाथ ने बताया कि उप जिला मजिस्ट्रेट के मौखिक आदेश पर रिहा किया गया। जबकि बैरिया एसडीएम के अनुपस्थित रहने पर लिंक मजिस्ट्रेट के रूप से एसडीएम बांसडीह को नामित किया गया है। वहां मुल्जिम को प्रस्तुत करना चाहिए था। अंतत: अहलमद अक्षयवर नाथ पांडेय द्वारा लिंक मजिस्ट्रेट के यहां मुल्जिम को प्रस्तुत नहीं किया जाना बड़ी लापरवाही पाई गई। पाया गया कि अपने स्तर से ही उन्होंने जमानत देने की कार्यवाही कर दी। इस प्रकार दायित्व निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता व विधिक प्राविधानों की अवहेलना पर जिलाधिकारी ने तत्काल उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के अहलमद को सस्पेंड करते हुए कलेक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, रेवती थाना क्षेत्र के नवका गांव निवासी सीमा देवी पत्नी सोनू चौधरी को धारा 107/116/151 में गिरफ्तार किया गया था। मुल्जिम को 50 हजार के व्यक्तिगत मुचलका व जमानत के लिए एक मौका के दरख्वास्त पर जमानत दे दी गई थी। इस कार्यवाही में कहीं भी उप जिला मजिस्ट्रेट के दस्तख़त तक नहीं थे । यह प्रकरण संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी ने अहलमद/नायब नाजिर अक्षयवर नाथ पांडेय का स्पष्टीकरण मांगा। स्पष्टीकरण में अक्षयवर नाथ ने बताया कि उप जिला मजिस्ट्रेट के मौखिक आदेश पर रिहा किया गया। जबकि बैरिया एसडीएम के अनुपस्थित रहने पर लिंक मजिस्ट्रेट के रूप से एसडीएम बांसडीह को नामित किया गया है। वहां मुल्जिम को प्रस्तुत करना चाहिए था। अंतत: अहलमद अक्षयवर नाथ पांडेय द्वारा लिंक मजिस्ट्रेट के यहां मुल्जिम को प्रस्तुत नहीं किया जाना बड़ी लापरवाही पाई गई। पाया गया कि अपने स्तर से ही उन्होंने जमानत देने की कार्यवाही कर दी। इस प्रकार दायित्व निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता व विधिक प्राविधानों की अवहेलना पर जिलाधिकारी ने तत्काल उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के अहलमद को सस्पेंड करते हुए कलेक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया है।
विज्ञापन