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बिना लेआउट काटी कालोनियां, नहीं होती कार्रवाई
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जीराबस्ती क्षेत्र में की गई प्लांटिंग।
- फोटो : BALLIA
शहर में लगातार बिना लेआउट पास कराए अवैध रूप से प्लाटिंग कराई जा रही है। प्रशासन के रिकार्ड में इन बिल्डरों को कोई कार्रवाई न होना इस बात की ओर से इशारा करता है कि इन्हें अधिकारियों की भी शह मिली है। अवैध रूप से बनाई गई कालोनियों में लोगों को जलनिकासी, पेयजल, सड़क और प्रकाश जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। नागरिकों को सुविधाओं उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों के साथ ठगी की जा रही है।
शहर की सीमाएं अभी 20 वर्ष पुरानी ही है। तबसे अब तक शहर की आबादी और दायरा दोनों दो गुने हो गए। बिना लेआउट शहर और आसपास के क्षेत्रों में कालोनियों पर कालोनियां बसती गई। नतीजा ये हुआ कि इन कालोनियों में न रास्तों की सुविधा है और न जल निकासी की।
ले आउट पास नहीं होने से उक्त कालोनियों में जल निकासी और रास्तों की समस्या गंभीर है। रास्ते ऐसे हैं कि एक वाहन खड़ा हो जाए तो दूसरा निकल ही नहीं सकता है। बरसात में यहां की स्थिति नारकीय हो जाती है। शहर का दक्षिणी भाग बाढ़ प्रभावित है। इस इलाके में भी आवासीय कालोनी बनाई गई है और बनाई जा रही है। है। रसड़ा रोड पर सागरपाली, बैरिया रोड पर सहरसपाली, सिकंदरपुर रोड पर हनुमानगंज, बांसडीह रोड पर शंकरपुर और गड़वार रोड़ पर बावजूद मिड्ढा तक नई कालोनियां बन गई हैं। प्रशासन की मिली भगत से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इन दिनों आधा दर्जन से अधिक आवासीय कालोनियां अस्तित्व में आ चुकी हैं। इनमें निहोरा नगर, ददन नगर, धनश्याम नगर आदि शामिल हैं।
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नहीं मिलती है पालिका की सुविधा
नगर पालिका परिषद में वर्तमान में 25 वार्ड है। सफाई व्यवस्था के नाम पर नपा के पास जो व्यवस्था है, शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने में नाकाफी है। पिछले दो दशकों में शहर का दायरा बढ़ा, शहर में कई गांवों स्वत: शामिल हो गए, लेकिन नगर पालिका यहां सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाती है। ढाई साल पूर्व नपा प्रशासन लगभग 27 गांव को नपा में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया था। नपा के विस्तार की कवायद आज तक पूरी नहीं हो सकी। अब दूर दूर तक इसकी संभावनाएं नहीं दिख रही हैं।
अधिकांश मकानों का नक्शा नहीं, कार्रवाई भी नहीं
विनियमित क्षेत्र में बने अधिकांश मकानों का नक्शा स्वीकृत नहीं है। बावजूद इसके अधिकारी कार्रवाई करने से गुरेज करते हैं, जिससे लोग बिना नक्श पास कराए ही मनमाने तरीके निर्माण कार्य करा रहे हैं। इसस लाखों की चपत लगती है।
कहां हो रही अवैध प्लाटिंग
विनियमित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो वो उल्टे पूछने लगे शहर में कहां अवैध प्लाटिंग हो रही है। फिर दिखवाता हूं कर कर फोन रख दिया।
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शहर की सीमाएं अभी 20 वर्ष पुरानी ही है। तबसे अब तक शहर की आबादी और दायरा दोनों दो गुने हो गए। बिना लेआउट शहर और आसपास के क्षेत्रों में कालोनियों पर कालोनियां बसती गई। नतीजा ये हुआ कि इन कालोनियों में न रास्तों की सुविधा है और न जल निकासी की।
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ले आउट पास नहीं होने से उक्त कालोनियों में जल निकासी और रास्तों की समस्या गंभीर है। रास्ते ऐसे हैं कि एक वाहन खड़ा हो जाए तो दूसरा निकल ही नहीं सकता है। बरसात में यहां की स्थिति नारकीय हो जाती है। शहर का दक्षिणी भाग बाढ़ प्रभावित है। इस इलाके में भी आवासीय कालोनी बनाई गई है और बनाई जा रही है। है। रसड़ा रोड पर सागरपाली, बैरिया रोड पर सहरसपाली, सिकंदरपुर रोड पर हनुमानगंज, बांसडीह रोड पर शंकरपुर और गड़वार रोड़ पर बावजूद मिड्ढा तक नई कालोनियां बन गई हैं। प्रशासन की मिली भगत से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इन दिनों आधा दर्जन से अधिक आवासीय कालोनियां अस्तित्व में आ चुकी हैं। इनमें निहोरा नगर, ददन नगर, धनश्याम नगर आदि शामिल हैं।
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नहीं मिलती है पालिका की सुविधा
नगर पालिका परिषद में वर्तमान में 25 वार्ड है। सफाई व्यवस्था के नाम पर नपा के पास जो व्यवस्था है, शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने में नाकाफी है। पिछले दो दशकों में शहर का दायरा बढ़ा, शहर में कई गांवों स्वत: शामिल हो गए, लेकिन नगर पालिका यहां सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाती है। ढाई साल पूर्व नपा प्रशासन लगभग 27 गांव को नपा में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया था। नपा के विस्तार की कवायद आज तक पूरी नहीं हो सकी। अब दूर दूर तक इसकी संभावनाएं नहीं दिख रही हैं।
अधिकांश मकानों का नक्शा नहीं, कार्रवाई भी नहीं
विनियमित क्षेत्र में बने अधिकांश मकानों का नक्शा स्वीकृत नहीं है। बावजूद इसके अधिकारी कार्रवाई करने से गुरेज करते हैं, जिससे लोग बिना नक्श पास कराए ही मनमाने तरीके निर्माण कार्य करा रहे हैं। इसस लाखों की चपत लगती है।
कहां हो रही अवैध प्लाटिंग
विनियमित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी एवं सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो वो उल्टे पूछने लगे शहर में कहां अवैध प्लाटिंग हो रही है। फिर दिखवाता हूं कर कर फोन रख दिया।