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Ballia News: इको सेंसेटिव जोन पर स्पष्ट करें स्थिति

Thu, 12 Jan 2023 10:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 10:36 PM IST
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Clarify the situation on eco sensitive zone
बलिया। सुरहाताल पक्षी विहार क्षेत्र में जेएनसीयू भवन के निर्माण मामले को लेकर एनजीटी में दाखिल किए गए अपने जवाब को लेकर जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी घिर गए हैं। जवाब में दर्शाया गया है कि निर्माण ईको सेंसेटिव जोन से 300 से 600 मीटर बाहर हो रहा है। वहीं, पक्षी विहार के लिए हुए गजट के अनुसार पक्षी विहार से एक किमी का एरिया ईको सेंसेटिव जोन में हैं। मामले को लेकर एनजीटी ने एक माह के अंदर ज्वाइंट कमेटी को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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बसंतपुर में बन रहे जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के भवन का निर्माण पहले फेज में 92.39 करोड़ रुपये की धनराशि से किया जा रहा है। इसके लिए, 35 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी हो चुकी है। इसमें 15 करोड़ रुपये की पहली किस्त का प्रयोग किया जा चुका है और दूसरी किस्त से निर्माण कार्य चल रहा है। पहले फेज में प्रशासनिक भवन, एकेडमिक भवन और लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है।
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जनपद के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सरनी निवासी धर्मेंद्र सिंह ने एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई थी कि सुरहाताल जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार घोषित है। इसके अनुसार, सुरहाताल के चारों तरफ का एक किमी का क्षेत्र संरक्षित है। उन्होंने जेएनसीयू के निर्माणाधीन भवन को इस परिधि के भीतर बताया था। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और न्यायिक सदस्य डॉ. अफरोज अहमद ने एक नवंबर 2022 को कुलपति को नोटिस जारी कर दो माह के भीतर जवाब मांगा था। सत्यापन के लिए समिति गठित कर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा था। पिछले दिनों कमेटी ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट एनजीटी में जमा की थी।
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चार जनवरी को मामले में फिर सुनवाई हुई। ज्वाइंट कमेटी ने अपने जवाब में कहा है कि निर्माण ईको सेंसेटिव जोन से 300 से 600 मीटर बाहर हो रहा है। वहीं, 2019 में पक्षी विहार के लिए हुए गजट के अनुसार पक्षी विहार से एक किमी का एरिया ईको सेंसेटिव जोन में हैं। इस जवाब को लेकर ज्वाइंट कमेटी फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मामले को लेकर एनजीटी ने एक माह के अंदर ज्वाइंट कमेटी को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली तारीख तीन मार्च को रखी गई है। इसके साथ ही, इसी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से डीएफओ काशी वन्यजीव अभ्यारण्य रामनगर और डीएम बलिया को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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