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कैग की टीम ने जनपद में डेरा डाला
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बलिया। नगर पालिका परिषद पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान हुई वित्तीय अनियमितता की जांच करने के लिए प्रयागराज से आई कैग की चार सदस्यीय टीम ने दो दिन से शहर में डेरा डाल रखा है। इस दौरान टीम के अधिकारी नगर पालिका की भुगतान से संबंधित फाइलों को खंगाल रहे हैं। जांच टीम के आने से नगर पालिका परिषद का तापमान इन दिनों बढ़ा हुआ है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले की लीपापोती के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। वहीं, टीम एक-एक फाइलों को खंगालने में जुटी है। इससे सबकी धड़कनें बढ़ी हुई है।
नगरपालिका के चेयरमैन अजय कुमार ने बीते 28 सितंबर को उत्तर शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिख नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा पर विभागीय कार्यों में वित्तीय अनियमितता करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र में चेयरमैन ने ईओ पर मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत कार्य करने भी आरोप लगाया था। इसके अलावा यह भी जिक्र किया था कि वर्ष 2018 से ईओ के भ्रष्टाचार की शिकायत जिलाधिकारी से लगायत शासन के उच्चधिकारियों के यहां की थी, लेकिन कार्रवाई के अभाव में ईओ का मनोबल बढ़ता गया। परिणामस्वरूप नगरपालिका परिषद में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर पूर्व सभासद आदर्श मिश्रा द्वारा उच्च न्यायालय प्रयागराज में जनहित याचिका भी दायर की गई है। चेयरमैन ने मामले की जांच की गुहार मुख्य सचिव से लगाई थी। इसके सात ही अन्य शिकायतें भी हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं शिकायती पत्र के आधार पर मुख्य सचिव की ओ से की गई कारवाई के तहत कैग की चार सदस्यी टीम शहर में डेरा डाले हुए है और संबंधित पत्रावलियों की जांच पड़ताल कर रही है। हालांकि प्रकरण में कोई भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। टीम की ओर से भी विशेष गोनीयता बरती जा रही है। होटल पर ही फाइलों को मंगाकर उसे खंगाला जा रहा है।
नगर पालिका के ईओ की ओर से लगातार की जा रही वित्तीय अनिमितता की शिकायम मैनें कई बार शासन और मुख्य सचिव से की थी। साथ ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। टीम किस प्रकरण में आई है। इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। - अजय कुमार, चेयरमैन, नगर पालिका, बलिया।
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कैग की टीम जांच के लिए जनपद में आई है। फाइलों को मंगाकर जांच की जा रही है। शिकायतों संबंधित पत्रावली टीम को उपलब्ध करा दी गई है। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, बलिया
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नगरपालिका के चेयरमैन अजय कुमार ने बीते 28 सितंबर को उत्तर शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिख नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा पर विभागीय कार्यों में वित्तीय अनियमितता करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र में चेयरमैन ने ईओ पर मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत कार्य करने भी आरोप लगाया था। इसके अलावा यह भी जिक्र किया था कि वर्ष 2018 से ईओ के भ्रष्टाचार की शिकायत जिलाधिकारी से लगायत शासन के उच्चधिकारियों के यहां की थी, लेकिन कार्रवाई के अभाव में ईओ का मनोबल बढ़ता गया। परिणामस्वरूप नगरपालिका परिषद में हुए भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर पूर्व सभासद आदर्श मिश्रा द्वारा उच्च न्यायालय प्रयागराज में जनहित याचिका भी दायर की गई है। चेयरमैन ने मामले की जांच की गुहार मुख्य सचिव से लगाई थी। इसके सात ही अन्य शिकायतें भी हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं शिकायती पत्र के आधार पर मुख्य सचिव की ओ से की गई कारवाई के तहत कैग की चार सदस्यी टीम शहर में डेरा डाले हुए है और संबंधित पत्रावलियों की जांच पड़ताल कर रही है। हालांकि प्रकरण में कोई भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। टीम की ओर से भी विशेष गोनीयता बरती जा रही है। होटल पर ही फाइलों को मंगाकर उसे खंगाला जा रहा है।
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नगर पालिका के ईओ की ओर से लगातार की जा रही वित्तीय अनिमितता की शिकायम मैनें कई बार शासन और मुख्य सचिव से की थी। साथ ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। टीम किस प्रकरण में आई है। इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है। - अजय कुमार, चेयरमैन, नगर पालिका, बलिया।
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कैग की टीम जांच के लिए जनपद में आई है। फाइलों को मंगाकर जांच की जा रही है। शिकायतों संबंधित पत्रावली टीम को उपलब्ध करा दी गई है। - दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, बलिया